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Wednesday, 9 August 2017

होगी धन की वर्षा, जब होगा शनि देव का प्रकोप कम- जानिए कैसे?

 


पीपल और शमी के पेड़ को लगाने से शनि देव का प्रकोप होता है कम, घर मे होती है धन की वर्षा

 

( How Trees Reduce Shani Dev Effects )


हमारे देश में कुछ चीजों को अध्यात्मिक रूप से बहुत मान्यता दी गई है। जिसमे ग्रहों की दशा और उनसे होने वाले प्रभावों को महत्व दिया गया है। जिनका हमारे दैनिक जीवन सैली मे प्रभाव पड़ता है। जिनसे हमें कुछ समस्यायों का सामना करना पड़ता है। उनसे होने वाले अच्छे और बुरे प्रभाव को कुछ उपायों से कम किया जा सकता है।

हमारे पुराणों में भी वर्णित है कि पीपल, केला और शमी का वृक्ष आदि ऐसे पेड़ हैं, जो हमारे जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं। पीपल और शमी दो ऐसे वृक्ष हैं, जिन से शनि का प्रभाव कम होता है। पीपल का वृक्ष बहुत बड़ा होता है, इसलिए इसे घर में लगाना संभव नहीं हो पाता।


Peepal Tree in Hindi Wikipedia

Shami Tree Shani Dev 


वास्तु शास्त्र के मुताबिक नियमित रूप से शमी की पूजा करने और उसके नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि दोष और उसके कुप्रभावों से बचा जा सकता है। शमी के वृक्ष को घर के मुख्य दरवाजे के बाईं तरफ लगाएं। मान्यता है कि शमी का पेड़ घर में लगाने से देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है। हम आपको बताते हैं 
कि शमी वृक्ष घर में लगाकर उसकी नित्य आराधना करने पर क्या फायदे हैं-

शमी को गणेश जी का प्रिय वृक्ष माना जाता है। इसलिए भगवान गणेश की आराधना में शमी के वृक्ष की पत्तियों को अर्पित किया जाता है। इस पेड़ की पत्तियों का आयुर्वेद में भी महत्व है। आयुर्वेद की नजर में शमी अत्यंत गुणकारी औषधि है। कई रोगों में इस वृक्ष के अंग काम लिए जाते हैं।

शमी  पेड़ के फायदे-


Shami Tree Shani Dev


शमी के पेड़ की पूजा करने से घर में शनि का प्रकोप कम होता है। शास्त्रों में शनि के प्रकोप को कम करने के लिए कई उपाय बताएं गए हैं। लेकिन इन सभी उपायों में से प्रमुख उपाय है शमी के पेड़ की पूजा। घर में शमी का पौधा लगाकर पूजा करने से आपके कामों आने वाली रुकावट दूर होगी।

शमी के वृक्ष पर कई देवताओं का वास होता है। शमी के कांटों का प्रयोग तंत्र-मंत्र बाधा और नकारात्मक शक्तियों के नाश के लिए होता है। शमी के पंचाग, यानी फूल, पत्तियों, जड़, टहनियों और रस का इस्तेमाल कर शनि संबंधी दोषों से मुक्ति पाई जा सकती है।

शमी वृक्ष की लकड़ी को यज्ञ की वेदी के लिए पवित्र माना जाता है। शनिवार को करने वाले यज्ञ में शमी की लकड़ी से बनी वेदी का विशेष महत्व है। एक मान्यता के अनुसार कवि कालिदास को शमी के वृक्ष के नीचे बैठकर तपस्या करने से ही ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।

Shami Tree Puja Mantra


दशहरे पर शमी के वृक्ष के पूजन का विशेष महत्व है। नवरात्र में भी शमी के वृक्ष की पत्तियों से पूजन करने का महत्व बताया गया है। नवरात्र के नौ दिनों में प्रतिदिन शाम के समय वृक्ष का पूजन करने से धन की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने लंका पर आक्रमण करने से पहले शमी के वृक्ष के सम्मुख अपनी विजय के लिए प्रार्थना की थी।

इन पेड़ों को लगने से आप शनि ग्रहदोष के कारण होने वाले शनि का प्रकोप कम होता है। स्वास्थ्य भी सही रहता है धन की भी प्रप्ति होती है, सभी देवी-देवताओं की असीम अनुकम्पा आप पर सदैव बनी रहती है। 

आशा करती हूँ कि आप के लिए ये Post Helpful होगा आप अपने विचार नीछे Comment Box मे जरुर Share  करें।

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Tuesday, 11 July 2017

Best Collection Sad Love Quotes and Shayari in Hindi for Your Love

आपके बिछड़े हुए प्यार को याद कराने  के लिए व आपके दिल के और करीब  लाने  के लिए Love कोट्स व शायरी collections

New Sad love Shayari with Image


Emotional Sad Shayari With Painful Quotes:


Sad Love Quotes And Shayari  के लिए किसी न किसी  प्यार होना भी जरुरी है, दोस्तों किससे प्यार नहीं करेंगे,तो दर्द का एहसास  ही नहीं होगा | जब हम किसी से प्यार करते हैं | तो उसमे आराम भी होता है,और दर्द भी होता है अपने प्यार के दर्द को और अपने रूठे साथी को मनाने के लिए Hindi Quotes का भी सहारा लेके देखते है शायद कोई बिछड़ा या जो जा  रहा हो वो हमारे दर्द को सुनकर समझ रुक जाए |

Sad Love Quotes in  Hindi के लिए Mouse से Right  Click कर अपनों  के साथ  Share करें,

Top Sad Shayari And Quotes in Hindi For your Love


मुझसे महोब्बत नहीं  तो रोकते क्यों हो 
तन्हाई में मेरे बारे में सोचते क्यों हो 
जब मंज़िल है जुदा हमसे तो जाने दो हमें 
लौट के कब आओगे  ये पूछते क्यों हो

Mujhse mahobat nai to rokte kyu ho 
Tanhai me mere baare me sochte kyu ho
Jab manzil hai juda hamse to jaane do hame 
Laot ke kab aao ge ye puchte kyu ho

Latest Hindi Sad Shayari


Very sad sms in hindi

किसी ने कहा था किसी से न कहना 
लगे चोट दिल पे तो खामोश रहना
जँहा चोट कहना वंहा मुस्कुराना
मगर ऐसे मुस्कुराना की रो दे जमाना

Kisi ne kaha tha kisi se na khena
Lage chot dil pe to khamosh rahena
Janha chot khana wanha muskurana
Magar aise muskurana ki ro de jamana

हर शब्दों से लफ्ज़ बना होता है
हर लफ्ज़ में कुछ अर्थ छिपा होता है
सब ने कहा हँसते तुम बहुत 
इन को क्या पता हसने वाले  
की हंसी में उसके जख्मों
का दर्द छुपा होता है

Har shabdo se lafz bana hota hai
Har lafz me kuch arth chipa hota hai
Sab ne kaha hashte hai ham bahot
In ko kya pata hashne wale
Ki hansi me uske zakhmo
Ka dard chupa hota hai

Dard Hindi Shayari


Sad msg for girlfriend

अब जो टूटी तो फिर न सिमट पाएंगी  
 ज़िन्दगी मोती  नहीं जो दुबारा
 किसी धागे ने पिरो दी  जायेंगी  
थाम लो उस अजनबी का  हाथ 
 ज़िन्दगी थमी नहीं तो  बेकार ही गुज़र जायेगी

 Ab jo tuti to fir na simat payegi
 Zindagi moti nai jo dubara 
Kisi dhage me piro di jaayegi
Thaam lo us ajnabi ka hath 
 Zindagu thami nahi to bekaar hi gujar jayegi

लगती है चोट दिल पर तो 
आँखों में आँसू नहीं होते 
जो है ही नहीं अपना 
उसके लिए हम नहीं रोते 
ज़िन्दगी की जदो जेहद ने सीखा दिया हमको 
प्यार भरे अरमान  टूटते तो है पर पुरे नहीं होते……

Lagti hai chot dil par to,
Ankho me ansu nahi hote 
Jo hai hi nai apna
Us ke liye ham nahi rote 
Zindagi ki jado jehad ne sikha diya hamko,
Pyar bhare armaan tut to jate hai par pure nai hote 

Best Hindi Sad Quotes


Sad msg for boyfriend

Socha tha ki unko bhul jayenge
Andekha kar unko us raahse nikal jayenge
Jab aata hai unka chehra samne
sochte hai ek baar dekhle 
Agli baar andekha kar jayenge..... 

सोचा था की उनको भूल जायेंगे 
अनदेखा कर उनको उस राह  से निकल  जायेंगे 
जब ता है उनका चेहरा 
सोचते एक बार और देखले ;
अगली बार अनदेखा कर जायेंगे  

Ham apne mahobat ki charcha nai karenge
Mar jayenge par tum ko ruswa nai karenge
Nadan dil hai isse  agar sikwa hai tum ko
To is nadan dil se ham tumhe yaad na karenge

हम अपने महोब्बत की चर्चा नही करेंगे 
मर जायेंगे पर तुमको रुसवा नही  करेंगे 
नादान दिल है  इससे अगर शिकवा है तुमको 
तो इस नादान दिल से हम तुम्हे याद नहीं करेंगे

Ek aap or aap ki yaad ayeg
Aap ki kahi har ek baat yaad aayegi
Dhalte din ke bad ek hasin raat aayegi
Har ek waqt bus mujhe teri yaad satayegi

New Sad Shayari in Hindi


Heart touching love messages in hindi

एक आप और आप की याद आयेगी  
आप की कही हर एक बात याद आयेगी 
ढ़लते दिन के बाद हसीन रात आयेगी
हर एक वक़्त बस तेरी मुझे तेरी याद सतायेगी

Meri jaan mujhe bas ye bata
Mujhe bhulake tujhe kya mila 
Meri wafa ka hisaab de mujhe
Armaano se bhara  dil tod kar 
Akhir Tujhe  kya mila 
Mujhe  umr bhar ka dard mila 
Main  is kadar tutkar bhikar gayi
Par jara ye to bata  mujh tod kar
Akhri mai mujhe kya  kyu mila

मेरी जान मुझे बस ये बता दे 
मुझे भूल के तुझे क्या मिला
मेरी वफ़ा का हिसाब दे मुझे 
अरमानों से भरा दिल तोड़ के 
तुझे आखिर क्या मिला 
मुझे उम्र भर का दर्द मिला 
की मैं टूट के बिखर गयी
पर जरा ये तो बता की
मुझे इस कदर तोड़ कर 
आखिर तुझे क्या मिला

Fir sayad pyar na kar panu main
Chah kr bhi kisi ki na ho panu main
Na jana tha ki is dil lagi me is kadar lut jaanugi main
Ki jinda ho ke bhi jinda na reh panugi main

फिर शायद प्यार न कर पाऊं मैं
चाह कर भी किसी की न हो पाऊं मैं
न जाना था कि इस दिल लगी में इस कदर 
टूट जाऊँगी मैं
जिन्दा हो भी जीना न रह पाउंगी मैं

Hindi Sad Shayari


Sad msg for love,

Byaan hota hai jab dard unka unki ankho se
Dard anshu banke unki ankho se chalakjate hai
Dil to krta hai jala du is sari duniya ko
Der jata hun fir ye hi soch ke
Isi duniya me uske apne bhi hai
kahi jaane - anjaane me maine hi na usko rula dun

बयाँ होता है जब दर्द उनकी आँखों से 
दिल तो करता है जला दूँ सारी दुनिया को
डर जाता हूँ फिर ये सोच के 
इस दुनिया में उसके अपने भी हैं
कही जाने-अनजाने में ही न उसको रुला दूँ

Thak gaye ham app ka intzar karte karte 
Roye baar baar khud se takrar karte karte
Aap ne to do sabd bhi na kaha 
Rahe gaye ham ek tarfa pyar krte karte

कल रात मेरी आँखों से एक आंसू निकल आया 
मैंने उसे पूछा की तू क्यों छलक आया 
उसने कहा हमसे कुछ इस तरह
आप की आँखों में कोई  इतना है समाया 
कि चाह कर भी मैं अपनी जगह  न पाया

Sad shayari for Boyfriend in Hindi


sad love shayari that make you cry

Kal raat meri ankho se ek ansu nikal aaya
Maine use pucha ki tu kyu  chalak aaya
Usne kaha  ham se kuch is taraha
Aap ki anhko me koi itna hai samaya
Ki chah kar bhi maine apne jagahe na bana paya

Dil tutne ki awaaz nahi hoti 
Jagti hui ankhoo ke liye koi raat nahi hoti
Kahete hai milti hai rosani bhi unhi ko 
Jin ki kismet hamri tarh barbad nahi hoti 

दिल टूटने की आवाज नहीं होती
जगती हुई आँखों के लिए कोई रात नहीं होती
कहते हैं मिलती है रोशनी उनको ही
जिनकी किस्मत हमारी तरह बर्बाद नहीं होती 

Kaun kheta hai ki unhe bhul gayenge
Na tute hai na unhe bhulayenge 
Pyar ki koi sima to na tay hai
Ham unki chahat me lad gayenge

कौन कहता है कि उन्हें भूल जायेंगे 
न टूटे है नहीं उन्हें भुलायेंगे 
प्यार की कोई सीमा तो न तय है 
हम उनकी चाहत में दुनिया से लड़ जायेंगे


आप अपने सुझाव हमें  लिखकर Comment Box दे सकते है आपका सुझवा हमारे लिए महत्वपूर्ण है |

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Motivational and Inspirational Short Story With Moral In Hindi | बूढ़े पिता व बेटा की कहानी

 Inspirational-Short-Story-With-Moral-In-Hindi

A true inspirational Hindi story with lesson 

A heart touching story of an old man and his son 

बाप बेटे की प्रेरक कहानी


एक दिन एक लड़का शाम के खाने के लिए अपने पिता के साथ एक रेस्तरां में गया। पिता बहुत बूढा और कमजोर था इसलिए खाना खाते समय थोडा खाना उसकी कमीज और पतलून पर गिरा गया। कुछ अन्य लोगों की उस वृद्ध पर नजर गयी। वे उसे नीची नजर से देखने लगे व मन ही मन घृणा करने लगे। जबकि उसका बेटा शांत था।

वह बिल्कुल शर्मिंदा नही था। वह पिता को वाशरूम में ले गया,  खाद्य कणों को कपड़ो से साफ किया, दाग हटाया,  बालों की कंघी की और चश्मा पहनाया। फिर जब वे बाहर आए, पूरा रेस्तरां अवाक् उन्हें देख रहा था, वो इस बात को पचा नहीं पा रहे थे और मन ही मन खुद को कोस रहे थे कि उन्होंने कैसे किसी को सार्वजनिक रूप से इस तरह से शर्मिंदा कर दिया। खैर, बेटे ने बिल दिया और अपने पिता के साथ बाहर निकलना शुरू कर दिया।
उसी समय, भीड़ के बीच एक बूढ़े आदमी ने बेटे को पुकार लगाई और उससे पूछा, "क्या आपको लगता है कि आपने पीछे कुछ छोड़ दिया है"।

बेटे ने कहा, "नहीं सर, मैंने कुछ नही छोड़ा"।

बूढ़े आदमी ने गहरी साँस लेते हुए कहा, "हाँ,  आपने छोड़ा है! आपने हर बेटे के लिए एक सबक छोड़ दिया और हर पिता के लिए उम्मीद।

फिर रेस्तरां में चुप्पी छा गयी।

Lesson/सीख 


हमें सभी बुजुर्गो का सदा सम्मान व सेवा करनी चाहिए। उनका अपमान या उपहास तो भूल कर भी नहीं करना चाहिए। हमें ये बात सदा याद रखनी चाहिए कि बचपन में किस तरह से हमारी सेवा हमारे माता पिता करते थे, यही नहीं वो जवानी भी सदा हमारे साथ होतें हैं। अकसर देखने में आया है कि बड़ी बड़ी विपत्ति आने पर सारा संसार हमारा साथ छोड़ देता है, किन्तु माता पिता व घर के बुजुर्ग हमारी सहायता अवश्य करते हैं। 


इस प्रेरणा को अपने दोस्तों व सगे सम्बन्धियों से भी शेयर करिए। 

अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में लिखिए। 
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Home Remedies of Prune - Health Benefits आलूबुखारा से स्तन कैंसर ठीक करें

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Home Remedies of Prune आलूबुखारा के घरेलु नुस्खे 


आलूबुखारा गर्मियों के दिनों मे सेहत के लिए काफी लाभदायक होता है। अक्सर गर्मी से बेहाल हमारा कुछ नही खाने का मन नहीं करता है लेकिन फिर भी शरीर को चुस्त दुरुस्त व् फिट रखने के लिए हमें फलों का सेवन करते रहना चाहिए। मौसमी फलों की बात ही निराली होती है। आइये आज हम इस पोस्ट मे गर्मी के फल की चर्चा करते हैं जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है व् शरीर जो ठंडा रखता है।

आलूबुखारा क्या है? What is Prune


आलूबुखारा को अलूचा के नाम से भी बुलाया जाता है। इसका वानास्पतिक नाम प्रूनस डोमेस्टिका है। इसकी कुछ अन्य नश्ल प्रूनस बुखारेंसिस एवम् प्रूनस सैल्सिना हैं। यह लीची के बराबर होता है। इसका छिलका मुलायम व गाढ़े बैंगनी रंग का होता है। कभी कभी इसका रंग पीला भी हो जाता है। इसका स्वाद चटपटा खट्टा मीठा होता है, जिसकी वजह से बच्चे व् लडकियाँ इसको बड़े चाव से खाती हैं। इसका मुरब्बा भी बनाया जाता है। इसकी खेती भारत मे पहाड़ी जगहों पर की जाती है क्योंकि ठण्ड जलवायु मे इसकी उपज अच्छी होती है। यह फल गर्मी मे यानी जून जुलाई मे भारत मे अधिकाँश फल मंडियों मे बिकने के पहुँच जाता है।

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Health Benefits of Prunes आलूबुखारा के फायदे 



पेट से सम्बंधित समस्या में आलूबुखारा रामबाण है - Relief in stomach ache

Prune मे मौजूद तत्व पेट दर्द, दस्त व् उलटी में तुरंत फायदा करते हैं। आलूबुखारा पेट दर्द मे रामबाण कारगर साबित होता है।


आँखों की रोशनी बढाता है - Improves Eye Vision 

आलूबुखारे में मौजूद विटामिन-सी आँखों की रोशनी बढाता है। इसके नियमित प्रयोग से चश्मा तक हटाया जा सकता है।


त्वचा को जवां रखता है - Prevents Aging of Skin 

इस फल मे मौजूद इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडैंट व विटामिन-E त्वचा की बीमारियों को दूर कर निखार लाता है, जिससे त्वचा जवां लगने लगती है।


ब्रैस्ट कैंसर से बचाव - Prevents Breast Cancer 


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आलूबुखारा मे विटामिन-के एवं बी 6 भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, आलूबुखारा का नियमित सेवन करने से महिलाओं मे स्तन कैंसर को काफी हद तक कण्ट्रोल किया जा सकता है, इसमें मौजूद विटामिन-के एवं बी 6 कैंसर और ट्यूमर की सेल्स को बढ़ने से रोकता है।


भूख मे वृधि - Improves Digestion 

आलूबुखारा खाने से भूख वृद्धि होने में मदद होती है. आलूबुखारा का रस भोजन (खाने) को पचाने में सहायक होता है।

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Monday, 10 July 2017

लाइफ में क्यों जरुरी है प्रतिस्पर्धा - Why competition is Vital [Hindi]

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क्या आप जानते हैं हमारे जीवन में अक्सर इतने सारे अवसर आते हैं जब हम सोचते हैं कि काश ये अवसर मुझे आसानी से मिल जाये- काश मेरे अलावा कोई और इस चीज को पाने के लिया रेस में लगा ही न हो, यानि हमारा कोई प्रतिस्पर्धी हो ही न, और हमें वो चीज तुरंत मिल जाये।

ऐसा हम न जाने कितनी बार सोचते होंगे, पर क्या आपने कभी सोचा है कि यदि ऐसा सच में होने लगता तो क्या होता? क्या आपको पता है लाइफ में प्रतिस्पर्धा जरुरी क्यूँ हैं?

दोस्तों अगर लाइफ में प्रतिस्पर्धा न हो तो हमें मिलने वाले सभी संसाधन हमें आसानी से मिल तो जायंगे, लेकिन वो बहुत जल्द ही ख़तम हो जायेंगे, शायद इतनी जल्दी कि वो हमें दुबारा कभी मिले ही न, ऐसा इसलिए क्यूँकी संसाधन सीमित मात्रा में पायें जातें हैं, जबकि उसको पाने कि लालसा रखने वाले असीमित हैं।

उदहारण के तौर पर जरा सोचिये - यदि किसी कंपनी में प्रतिस्पर्धा बिल्कुल ही समाप्त कर दिया जाये तो किसी पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार को खोजने में कितनी दिक्कत होगी, प्रतिस्पर्धा समाप्त करने की वजह से कोई भी उम्मीदवार, किसी भी श्रेणी का, कितना भी पढ़ा लिखा, आवेदन कर सकता है, उम्मीदवारों की संख्या का तो कोई हिसाब ही नहीं लगाया जा सकता।

पद एक, उम्मीदवार अनेक, कोई भी प्रतिस्पर्धा न होने के कारण, पहले आओ पहले पाओ के चलन पर भ्रष्टाचार, दादागिरी और मार पीट की वारदातें कई गुना बढ़ जाएँगी, जिसका कंपनी में कोई लिंक होगा, या ज्यादा पैसा होगा वो आसानी से बिना किसी इंटरव्यू या एग्जाम के पद को प्राप्त कर लेगा, जरा सोचिये, ऐसा ही हर चीज में होने लगे तो कैसा होगा।

चारो ओर हाहाकार मच जायेगा, अराजकता का समाज धू धू करके जलेगा, लोग एक दुसरे से पहले आगे आने के लिए बल का प्रयोग करेंगे जो प्रतिस्पर्धा के मुकाबले कहीं ज्यादा चीजो जो दुर्लभ बना देगा।

इसलिए जरुरत है इस बात को समझने कि प्रतिस्पर्धा हमारे जीवन के लिए बहुत उपयोगी है - ये हमें मेहनत करना सिखाती है, ये हमें अनुशाशन में रहना सिखाती है, ये हमें आग में जलकर सोना बनना सिखाती है- ये चीजो को बहुत सरल बना देती है- यदि हम उस चीज को पाने के लिए सबसे योग्य हैं।

इसलिए कमर कस लीजिये और जी तोड़ परिश्रम करिए - प्रतिस्पर्धा में आगे निकलने का एक ही विकल्प है परिश्रम - मेहनत से जी न मोड़िये - निरंतर आगे बढिए, फिर आप देखेंगे की जीवन कितना सरल हो गया है – चीजें कितनी आसान हो गयी है - प्रतिस्पर्धा ही आपसे आपका सर्वोत्तम करा सकता है, सर्वोत्तम दिला सकता है – इसलिए प्रतिस्पर्धा हमारे जीवन के लिए बहुत जरुरी है।

आप इस बात से कितना सहमत है, कृपया कमेंट बॉक्स में शेयर करें। 
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Tuesday, 4 July 2017

Story in Hindi with lesson | सौ बार सोचिये किसी कार्य को करने के पहले

hindi-story-lesson

A thoughtful story in Hindi with moral

A story about mother and her son


महर्षि गौतम का एक बहुत ही ज्ञानी पुत्र था। उसका नाम चिरकारी था। वह किसी भी कार्य को करने से पहले उस पर देर तक विचार किया करता था, इसलिए उसका नाम चिरकारी पड़ गया था। कार्यों में विलम्ब करने के कारण लोग उसे आलसी तथा मंदबुद्धि भी कह दिया करते थे।

एक दिन की बात है, महर्षि गौतम की पत्नी से एक भारी अपराध हो गया। जब महर्षि को इस बात का पता चला, तो वे अपनी स्त्री पर बहुत ही क्रोधित हुए और अपने पुत्र चिरकारी से कहा- बेटा! तू अपनी इस दुस्कर्मा माता को मार डाल। इस प्रकार बिना विचारे गौतम अपने पुत्र को ऐसी आज्ञा देकर वन में चले गये। चिरकारी ने बहुत अच्छा – ऐसा कहकर पिता की आज्ञा स्वीकार की, फिर अपने स्वभाव के अनुसार पिता की आज्ञा पर देर तक विचार करता रहा। 


चिरकारी ने सोचा – एक ओर पिता की आज्ञा है और दूसरी ओर माता का वध। पिता की आज्ञा का पालन करना पुत्र का धर्मं है और माता की रक्षा करना पुत्र का परम धर्मं है। अतः मै कौन सा कार्य करूँ, कौन सा ऐसा उपाय करूँ?, जिससे पिता की आज्ञा का पालन भी हो जाये और माता का वध भी न करना पड़े। धर्म पालन के रूप में यह मेरे लिए तो बहुत बड़ा धर्म संकट आ गया है। 

क्योंकि माता का वध करके कोई पुत्र ‘पुत्र’ कैसे कहला सकता है और पिता की आज्ञा पालन नहीं करने से कौन पुत्र संसार मे इज्जत पायेगा? जिस माता ने मुझे जन्म दिया, मेर लानन-पालन किया, मै उसका वध किस प्रकार करूँ, और यदि वध नही करता हूँ, तो पिता की आज्ञा का उल्लघंन होता है। अतः मैं करूँ तो क्या करूँ? इस प्रकार विचार करते-करते चिरकारी को कभी माता का पक्ष ठीक लगता और कभी पिता का पक्ष ठीक लगता। 

देर से और बहुत सोच-विचार करके कार्य करने का स्वभाव होने के कारण चिरकारी बहुत देर तक विचार मे लीं होकर सोचता-विचारता ही रहा। इसी सोच-विचार में कितना समय निकल गया यह उसे पता ही नही चला। वह अंत तक माता के वध करने या न करने के असमंजस में ही पड़ा रह गया।

उधर गौतम ऋषि का वन में एकांत में सोचने पर क्रोध जब शांत हुआ, तब उतावली में किये गये अपने अनुचित निर्णय पर उन्होंने विचार किया और बहुत दुखी तथा व्याकुल हो उठे। इतना ही नहीं वे अपनी पत्नी के वध तथा उसके बिछोह की कल्पना करके रो पड़े।


इस प्रकार सोच विचार करते हुए गौतम उद्धिग्न हो उठे। वे बहुत देर तक वन में नहीं ठहर सके और जल्दी से चलकर अपने आश्रम में आ गए। उनक मन अनेक आशंकाओं से भरा था। जब वे आश्रम के निकट पहुँचे, तो उन्होंने चिरकारी को उस समय सोचने की मुद्रा में पाया। गौतम को संतोष हुआ कि अभी चिरकारी ने अपनी माता का वध नही किया है। उन्हें आश्रम में आया देखकर चिरकारी की विचार मुद्रा टूटी। 


चिरकारी ने कुछ सहमते हुए दौड़कर शस्त्र फेंक दिया और पिता के चरणों में गिर कर उनकी आज्ञा का उल्लघंन हो जाने के लिए क्षमा मांगी। इतने में ही गौतम की पत्नी वहाँ आ गयी। ऋषि ने अपनी पत्नी को देखा, तो वह अपने पाप कृत पर लज्जित से दिखाई पड़े। 


गौतम ऋषि की प्रसन्नता की सीमा न रही। उन्होंने चिरकारी को गले लगते हुए कहा- ‘बेटा! आज तेरे चिरकारी स्वभाव ने हम तीनों को बचा लिया है। मैंने बिना विचारे जो तुम्हें आज्ञा दे दी थी, यदि तुम उसका तत्काल पालन कर  देते, तो बहुत बड़ा अनर्थ हो जाता। तुम्हारा कल्याण हो, तुम दीर्घायु बनो। 

Lesson/सीख 

किसी भी अनुचित आदेश के मिलने के बाद उसके करने या न करने के विषय में खूब सोच-विचार करना चाहिए, भले ही उसमें कुछ देर लगे। क्योंकि काफी सोच-विचार के परिणाम फलदायी होतें हैं।
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Monday, 3 July 2017

आलसी ऊँट व सियार की कहानी | Short Story in HIndi for Kids with Moral Lesson



A Hindi story with moral lesson for kids 


किसी समय एक ऊँट  रहता था। उसे अपने पूर्वजन्म कि बातों का स्मरण था। इस ऊँट  की योनि में वह बहुत आलसी हो गया था। अतः उसने कठोर नियमों का पालन करके वन में महान तप किया। उसकी तपस्या से पितामह ब्रह्मा बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने प्रकट होकर वर मांगने को कहा।

ब्रह्मा को प्रसन्न हुआ जानकर ऊँट  ने कहा, ‘भगवन्! आपकी कृपा मेरी यह गर्दन बहुत लम्बी हो जाये, जिसके कारण जब मै चरने जाऊंगा, तो सौ योजन से अधिक दूर तक की खाद्य वस्तुएं ग्रहण कर सकूँगा।‘ ब्रह्मा जी ने ‘एवमस्तू’ कह कर उसको मुंह माँगा वर दे दिया। वर पाकर ऊँट  वन में चला गया।


short-story-kids-lesson


वह मुर्ख ऊँट  वरदान पाकर कहीं भी आने जाने में आलस्य करने लगा। एक समय की बात है, वह किसी गुफा में बैठा अपनी सौ योजन लम्बी, गर्दन बढ़ा कर चर रहा था। उसका मन कभी चरने से थकता ही नही था। उसी समय वन में भयंकर आंधी के साथ भारी वर्षा होने लगी। उस आंधी और वर्षा से पीड़ित होकर एक सियार ने अपनी स्त्री के साथ उस गुफा में आकर शरण ली। वह भूख से व्याकुल और थकान से चूर हो गया था। भारी वर्षा के कारण वह भीग गया था, उसे बहुत सर्दी लग रही थी। उसके सारे अंग अकड़ गए थे।

जब वह सियार उस गुफा में घुसा तो पति-पत्नी को ऊँट कि खूब मोटो मांसल व लम्बी गर्दन दिखाई पड़ी। दोनों ने कहा – आज तो बैठे बिठाये पार्टी हो गयी। इतनी मोटी और स्वादिस्ट ऊँट की गर्दन खाने को मिल गयी। अतः दोनों ने ऊँट की गर्दन का मॉस काट काट कर खाना आरम्भ कर दिया।

जब ऊँट को यह महसूस हुआ कि उसकी गर्दन किसी मांसाहारी द्वारा खायी जा रही है, तब वह कस्ट से पीड़ित होकर अपनी गर्दन को समेटने का प्रयास करने लगा। ऊँट जब तक अपनी गर्दन को ऊपर-नीचे हिलाने और समेटने का प्रयास करता, तब तक स्त्री सहित सियार ने उसे काट-काट कर खा लिया था। इस प्रकार उस मुर्ख व आलसी ऊँट कि मृत्यु हो गयी।

सीख:- 

आलस्य, किसी भी जीव का बहुत बड़ा दोष है। उसके कारण प्राण भी जा सकते हैं, अतः आलस्य नही करना चाहिए।

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Sunday, 2 July 2017

How to Chant Gayatri Mantra with basic rules and The Power of 108 chant in Hindi


Gayatri Mantra-Religion (आस्था-धर्म),
Gayatri Mantra-Religion 

Benefits of Chanting Gayatri Mantra Daily

हमारे शास्त्रों में मंत्रो को अधिक महत्त्व दिया गया है सभी मंत्रो में से गायत्री मंत्र को अधिक महत्व पूर्ण बतया गया हर एक मन्त्र की अपनी शक्ति होती है परन्तु गायत्री मन्त्र का जाप करने से जल्दी से जल्दी लाभ प्रप्त होता है गायत्री मन्त्र के जाप के लिए तीनों समय तयकिये गए हैं

प्रातःकल सूर्योदय से पहले जिसे ब्रम्ह्मुहुर्त के समय से शुरू कर सूर्योदय तक करना चाहि एदूसरा समय  दिन के दूसरे पहर जिसे हम दोपहर कहते है उस समय भी मन्त्र का उचारणकर सकते हैं तीसरा समय सूर्यास्त जिस गौधिल के नाम से जानते है उस समय भी हम इस मन्त्र से संध्या-वंदन कर सकते है।

हम किसी भी प्रकार के मंत्रो का जप जब करते हैं तो हम उस परम तेज का ध्यान करते है जिनका ध्यान करने जिसे हमें सद्मार्ग प्रशस्त होता है। गायत्री मंत्र का जप रुद्राक्ष के माला से करना चाहिए अपने दैनिक कर्मो से निवित्र हो स्नान करके घर में स्थित मंदिर में जाके माता गायत्री का ध्यान कर 108 जप शुरू करना चहिये।

|| गायत्रीमंत्र ||

Gayatri Mantra

भूर्भुवः स्व तत्सवितुर्वरेण्यं

भर्गो देवस्य धीमहि

धियो यो नः प्रचोदयात॥


Gayatri Mantra-Religion (आस्था-धर्म),

गायत्रीमंत्र का अर्थ: 

Meaning of Gayatri Mantra in Hindi:-


हिन्दूधर्म में गायत्री मंत्र को महामंत्र कहा गया है। भगवान सूर्य की स्तुति में गाए जाने वाले इस मंत्र का अर्थ निम्न है

उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अन्तःकरण में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे।



Gayatri Mantra-Religion (आस्था-धर्म),


कब करें गायत्री मंत्र का जाप:-

यूं तो इस बेहद सरल मंत्र को कभी भी पढ़ा जा सकता है लेकिन शास्त्रों के अनुसार इसका दिन में तीन बार जप करना चाहिए

* प्रात:काल सूर्योदय से पहले और सूर्योदय के पश्चात तक।
* फिर दोबारा दोपहर को
* फिर शाम को सर्यास्त के कुछ देर पहले जप शुरू करना चाहिए।


Gayatri Mantra-Religion (आस्था-धर्म),

गायत्रीमंत्र के फायदे :Benefits of Gayatri Mantra:-

गायत्री मन्त्र के जप से हमारे द्वारा किये गए पापों का नाश होता है,और मन की शांति भी प्राप्त होती है बोद्धिक विकास भी होता है शारीरिक ऊर्जा प्राप्त होती है हिन्दूधर्म में गायत्री मंत्र को विशेष मान्यता प्राप्त है। कई शोधों द्वारा यह भी प्रमाणित किया गया है कि गायत्री मंत्र के जाप से कई फायदे भी होते हैं जैसे : मानसिक शांति, चेहरे पर चमक, खुशी की प्राप्ति, चेहरे में चमक, इन्द्रियां बेहतर होती हैं, गुस्सा कम आता है और बुद्धि तेज़ होती है।  





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Moral Story in Hindi | प्रेम और मासूमियत की शक्ति


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Enjoy This Short Moral Story in Hindi  

प्रेम और मासूमियत की शक्ति 

Moral Stories में हम आपके लिए लाये है एक Short  Story जिसमें आपको ये पता चलेगा कि एक बच्चे के मासूम दिल में बसे प्रेम के आगे तो वो भगवान् भी इस धरती पे आने पर विवश हो जाता है। और उसके द्वारा दिए हर एक प्रस्ताव का स्वीकार करने पर भी, इस तरह की तमाम Stories हम आप के साथ आगे भी शेयर  करते रहेंगे।


एक बार की बात हैं कि एक छोटा लड़का था जोकि भगवान से मिलना चाहता था। वह जानता था कि भगवान तक पहुँचने के लिए उसे एक लंबी यात्रा करनी पड़ेगी। उसने अपने सूटकेस में ब्रेड मक्खन के साथ दो बोटल फ्रूटी की भी रख ली और यात्रा शुरू कर दी। वह अपने घर से कुछ दूर गया ही नही था कि उसे एक बूढ़ी औरत दिखी। वह पार्क में बैठी कबूतरों को देख रही थी।

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लड़का उसके बगल में बैठ गया और अपना सूटकेस खोला। वह फ्रूटी पीने ही वाला था, कि तभी उसे एहसास हुआ कि बूढी औरत भी भूखी है। सो उसने उसको भी ब्रेड मक्खन खाने को कहा। बूढी औरत ने कृतागता से बच्चे की पेशकश को स्वीकार कर लिया और मुस्कुराते हुए आभार व्यक्त करने लगी। उसकी मुस्कान इतनी सुन्दर थी कि लड़का उसे एकबार फिर देखना चाहता था। सो इस बार उसने फ्रूटी की पेशकश की। और एक बार फिर वह उसपर मेहरबान था। लड़का बहुत खुश था। फिर वो दोनों दोपहर तक बैठे रहे,और खाते रहे। पर उन दोनों में से किसी ने एकदूसरे से कुछ नही कहा।

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धीरे शाम होने लगी। लड़के को थकान महसूस होने लगी। वह खड़ा हो गया और वापस घर की ओर कदम बढाने लगा। पर वह,अभी वो कुछ ही कदम आगे बढ़ाया था कि वो अचानक रुक गया। उसके कदम मानो जम गए हों। फिर वो पीछे मुड़ा और तेज से दौड़ते हुए बूढी औरत के पास आया, और उसके गले लग गया। और इस बार भी बूढी औरत मुस्कुराई, बड़ी लम्बी मुस्कान।

कुछ समय बाद जब लड़का अपने घर आता है। उसकी माँ उसके चेहरे पर अपार खुशी देख कर हैरान हो जाती है। वह उस से पूछी, "आज तुमने क्या किया है कि तुम इतने खुश हो?" उसने कहा, माँ आज मैंने भगवान के साथ दोपहर का भोजन किया।लेकिन उसकी माँ इससे पहले कुछ बोलती, वह बोला, "तुम जानती हो क्या? इससे खूबसूरत मुस्कान मैंने आज तक कभी नही देखी थी!"

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इस बीच, बूढ़ी औरत भी खुशी से चमक, अपने घर लौट आई थी। उसका बेटा उसके चेहरे पर शांति की नज़र से दंग रह गया था। कुतूहलवश उसने, "माँ, तुमने क्या किया है कि आज तुम बहुत खुश हो?" उसने कहा, "मैं भगवान के साथ पार्क में ब्रेड मक्खन खा रही थी।" लेकिन इससे पहले कि वो कुछ बोल पाता, उसने कहा, "तुम जानते हो? जितनी मैंने उम्मीद की थी, उसकी तुलना में वो बहुत छोटा है।"

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शिक्षा:
इस कहानी से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि भगवान सिर्फ सच्चे प्रेम के आधीन होते है, और भगवान् को वे लोगो हमेशा प्रिय होते है। जो  लोगो को ख़ुशी देते है, और दूसरों की मदत करते है।जिनकी सेवा निस्वार्थ होती है।भगवान को अगर पाना है तो लोगो को अथाह प्रेम ख़ुशी दो वो तुम्हे उसके और उसे तुम्हारे अन्दर मिल जाएगा

Moral: God is all over the place. We simply need to share our joy and make others grin to feel him.
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