उत्तम गुणवत्ता, उत्तम सेवा, उत्तम अनुभव का वादा है हमारा

तर्क, प्रयोजन, युक्ति, और विचार, सब मिलेगा हिंदी में यार - पढ़िए, समझिये और शेयर करिए Find out more

आलसी ऊँट व सियार की कहानी | Short Story in HIndi for Kids with Moral Lesson


A Hindi story with moral lesson for kids 


किसी समय एक ऊँट  रहता था। उसे अपने पूर्वजन्म कि बातों का स्मरण था। इस ऊँट  की योनि में वह बहुत आलसी हो गया था। अतः उसने कठोर नियमों का पालन करके वन में महान तप किया। उसकी तपस्या से पितामह ब्रह्मा बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने प्रकट होकर वर मांगने को कहा।

ब्रह्मा को प्रसन्न हुआ जानकर ऊँट  ने कहा, ‘भगवन्! आपकी कृपा मेरी यह गर्दन बहुत लम्बी हो जाये, जिसके कारण जब मै चरने जाऊंगा, तो सौ योजन से अधिक दूर तक की खाद्य वस्तुएं ग्रहण कर सकूँगा।‘ ब्रह्मा जी ने ‘एवमस्तू’ कह कर उसको मुंह माँगा वर दे दिया। वर पाकर ऊँट  वन में चला गया।


short-story-kids-lesson


वह मुर्ख ऊँट  वरदान पाकर कहीं भी आने जाने में आलस्य करने लगा। एक समय की बात है, वह किसी गुफा में बैठा अपनी सौ योजन लम्बी, गर्दन बढ़ा कर चर रहा था। उसका मन कभी चरने से थकता ही नही था। उसी समय वन में भयंकर आंधी के साथ भारी वर्षा होने लगी। उस आंधी और वर्षा से पीड़ित होकर एक सियार ने अपनी स्त्री के साथ उस गुफा में आकर शरण ली। वह भूख से व्याकुल और थकान से चूर हो गया था। भारी वर्षा के कारण वह भीग गया था, उसे बहुत सर्दी लग रही थी। उसके सारे अंग अकड़ गए थे।

जब वह सियार उस गुफा में घुसा तो पति-पत्नी को ऊँट कि खूब मोटो मांसल व लम्बी गर्दन दिखाई पड़ी। दोनों ने कहा – आज तो बैठे बिठाये पार्टी हो गयी। इतनी मोटी और स्वादिस्ट ऊँट की गर्दन खाने को मिल गयी। अतः दोनों ने ऊँट की गर्दन का मॉस काट काट कर खाना आरम्भ कर दिया।

जब ऊँट को यह महसूस हुआ कि उसकी गर्दन किसी मांसाहारी द्वारा खायी जा रही है, तब वह कस्ट से पीड़ित होकर अपनी गर्दन को समेटने का प्रयास करने लगा। ऊँट जब तक अपनी गर्दन को ऊपर-नीचे हिलाने और समेटने का प्रयास करता, तब तक स्त्री सहित सियार ने उसे काट-काट कर खा लिया था। इस प्रकार उस मुर्ख व आलसी ऊँट कि मृत्यु हो गयी।

सीख:- 

आलस्य, किसी भी जीव का बहुत बड़ा दोष है। उसके कारण प्राण भी जा सकते हैं, अतः आलस्य नही करना चाहिए।

Continue Reading

50 Dreams Interpretations and meaning in Hindi | स्वप्न फल, संकेत व अर्थ



hindi-dream-meaning


स्वप्न हम सभी देखते हैं पर ये क्या संकेत देते हैं, इनका क्या अर्थ होता है, और इनसे हमें क्या फल मिलता है, ये अक्सर कम लोग ही जानते हैं। इस लेख मे हमने ५० विभिन्न प्रकार के सपनों का संग्रह किया है साथ ही में हर सपने का हमारे जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को भी यहाँ बताया गया है।

ये स्वप्न संकेत आपको अपने भविष्य मे होने वाली प्रिय या अप्रिय घटनाओं के बारे में संदेश देते हैं, जिससे की आप पहले ही किसी भी होनी या अनहोनी से अवगत हो जायेंगे व् सही निर्णय लेने मे आपको आसानी होगी।


Dreams Meaning in Hindi 

स्वपन संदेश व् अर्थ 


१. अंगूठी पहनना - धन लाभ होना 


२. मेहमान देखना - अचानक मुसीबत आना 


३. आकाश से गिरना - मान हानि होना


४. नाव में बैठना - असत्य आरोप लगना


५. आत्महत्या करना - लम्बी आयु पाना


६. आपरेशन देखना - रोग कि शुरआत होना


७. परीक्षा में फेल होना - शुभ फल प्राप्त होना 


८. इन्द्रधनुस देखना - जीवन में परिवर्तन होना 


९. कमल का फूल देखना - धन प्राप्त करना 


१०. घर बनाना - यश प्राप्त करना 


११. घडी देखना - यात्रा का सेवन 


१२. चादर देखना - बदनामी होना 


१३. घोड़े पर बैठना - सफलता मिलना 


१४. चावल देखना - शुभ समाचार मिलना 


१५. छिपकली देखना - अचानक धन लाभ 


१६. जहाज देखना - परेशानी दूर होना 


१७. जल देखना - परेशानी दूर होना 


१८. जुआ खेलना - धन की हानि होना 


१९. झाड़ू देखना - नुकसान होना 


२०. डॉक्टर देखना - बीमारी शुरू होना 


२१. पानी में तैरना - आयु बढ़ना 


२२. दूध पीना - ख़ुशी कि प्राप्ति होना 


२३. दान करना - शुभ होना 


२४. देवी देवता देखना - ख़ुशी की प्राप्ति होना 


२५. नदी देखना - इच्छा कि पूर्ती होना 


२६. मृत व्यक्ति देखना - रोग से मुक्त होना
dream-interpretation-hindi


२७. पानी बरसते देखना - शुभ कारण 


२८. बूढी स्त्री देखना - दुःख प्राप्ति 


२९. प्रेत देखना - सौभाग्य सूचक


३०. बारात देखना - चिंता होना 


३१. हवन देखना - सौभाग्य सूचक 


३२. मंदिर देखना - इच्छा पूर्ती होना 


३३. रेल देखना - यात्रा में विघ्न पड़ना 


३४. रेत पर चलना - शत्रु से हानि 


 ३५. रिश्वत लेना - अपमान होना 


३६. राक्षस देखना - कष्ट से छुटकारा 


३७. लोहा देखना - स्वास्थ्य हानि 


३८. पेड़ काटना - धन हानि 


३९. विवाह देखना - दुर्भाग्य सूचक


४०. विदेश यात्रा देखना - पारिवारिक विवाद होना 


४१. श्राद्ध देखना - पित्तरों कि प्रसन्नता 


४२. शेर देखना - शत्रु का नाश होना 


४३. समुन्द्र देखना - धन कि बढ़ोत्तरी


४४. शराब देखना - वाद विवाद


४५. सांप देखना - शत्रु पर विजय


४६. हवालात देखना - मान-सम्मान मिलना 


४७. हड्डियाँ देखना - डूबे धन कि प्राप्ति 


४८. हाथी देखना - धंधे में तरक्की 


४९. त्रिशूल देखना - सफलता मिलना 


५०. विधवा स्त्री देखना - हानि होना 


अगले पोस्ट में हम कुछ और अन्य सपनों को उनके अर्थ के साथ प्रकाशित करेंगे। यदि आपने कोई ऐसा स्वप्न देखा हो जो हमारी सूची मे अभी नही है, तो आप कमेंट बॉक्स में अपना स्वप्न शेयर करिए। हम अगले लेख में आपके स्वप्न को अर्थ एवम् उसके फल समेत प्रकाशित करेंगें।

अपने मित्रों से शेयर करना न भूलें।
Continue Reading

How to do Navratri Vrat Puja in Hindi | नवरात्री व्रत, विधि, नियम और पूजा विधान



नवरात्रि की पूजा किस प्रकार से करनी चाहिए और क्यों 

Method for Navratri Puja and Importance of Vrat in Hindi


कहते हैं की नवरात्रि की पूजा में माँ दुर्गा के सभी स्वरुप का महत्व विस्तारपूर्वक बताया गया है| सच्चे मन से माँ की आराधना करने से मनुष्य की सभी मनोकामनाए पूरी हो जाती हैं। माँ भगवती ही दृश्य और अदृश्य रूप से सम्पूर्ण विश्व में व्याप्त हैं। माता पार्वती के आदिशक्ति स्वरूप और उनके भागवत स्वरूप के महत्व और शक्तियों का उल्लेख शास्त्रों मे भी किया गया है।

कहते हैं किसी व्रत का फल उसके शास्त्रीय विधि के साथ करने से ही मिलता है पर ये भी कहा जाता है कि भगवान् तो प्रेम के अधीन होते है, पूजा और आस्था में अंतर होता है। आस्था हमारे मन में तथा आत्मा का परमात्मा के निश्छल प्रेम और विश्वास में होता है। परन्तु पूजा हमारे द्वारा अपनी आस्था के प्रति कर्म होते हैं जिनको करने के कुछ नियम और विधियाँ हमारे शास्त्रों बतायी गयीं हैं।

नवरात्रि पूजा की विधि

navratri-vrat-rule-hindi

माँ को अपने भक्तों द्वारा प्रेम पूर्वक चढ़ाई गयी हर वस्तु प्रिय होती है और वें उसे सहजता से स्वीकार कर लेती हैं, माँ तो करुणामयी हैं वो अपने भक्तों के सभी कष्टों का निवारण करती है। माँ का आशीर्वाद उनके साधकों को इस प्रकार मिलता है की उन्हें अन्य सहायता की आवश्यकता ही नही पड़ती है।

जगत जननी माँ की कभी भी उपासना की जा सकती है, क्योंकि शास्त्राज्ञा में चंडी हवन के लिए किसी भी मुहूर्त की अनिवार्यता नहीं है। नवरात्रि में इस आराधना का विशेष महत्व है। इस समय के तप का फल कई गुना व शीघ्र मिलता है। इस फल के कारण ही इसे कामदूधा काल भी कहा जाता है। देवी या देवता की प्रसन्नता के लिए पंचांग साधन का प्रयोग करना चाहिए। पंचांग साधन में पटल, पद्धति, कवच, सहस्त्रनाम और स्रोत हैं। पटल का शरीर, पद्धति को शिर, कवच को नेत्र, सहस्त्रनाम को मुख तथा स्रोत को जिह्वा कहा जाता है।


navratri-vrat-vidhan-hindi


जगत जननी माँ दुर्गा की उपासना सच्चे मन से और निःस्वार्थ भाव से करना चाहिए। सर्वप्रथम प्रातःकाल उठ कर दैनिक कार्यो से निवित्र हो स्नान कर साफ कपड़े पहन कर माँ के दरबार में रंग-विरंगे पुष्पों और केले के पत्तो का मंडप बना के माँ की प्रतिमा, फोटो, यंत्र को स्थापित करना चाहिए। फल, फूल, मेवा, कुमकुम, केसर, हल्दी, चुन्नी, वस्त्र, सिंगार सामग्री, मन्त्र, होम आदि द्वारा देवी की पूजा ॐ नमः नाम से अर्पण कर मां की पूजा शुरु करनी चाहिये। कुश के आसन पर बैठ कर आराधना करनी चाहिए, माँ के चरणों में गुलाब या गुडहल का फूल अर्पण करना चाहिए, माँ भगवती के समस्त स्वरूपों का नाम और उनकी महिमा का पाठ कर उन शक्तियों की उपसाना करनी चाहिए, पूजा आरम्भ होने के बाद पूजा समाप्त होने के बाद ही आसन छोड़ना चाहिए।

जरुर पढ़ें 


शरीर पर तिल का महत्व

शिक्षाप्रद कहानियाँ सीख के साथ 



पंडितो को अपनी आस्था अनुसार दान दे कर प्रसाद ग्रहण करना चाहिए, माँ भगवती महामाया अपने भक्तों के सभी दुखों को दूर कर अभय प्रदान करती है और अपनी भक्ति और शक्ति प्रदान करती है।

नवरात्री व्रत का महत्व

navratri-vrat-vidhan-hindi


नवरात्रि का व्रत माँ के दिव्य रूपों और असीम शक्तियों की जाती है, कहा जाता है कि माँ की पूजा करने से हमारे कार्य शीघ्र पूर्ण होते है और हमरे सुध मन को असीम शक्ति भी मिलती है जिस से हम अपने  को अत्यंत फुर्तीला महसूस करते है।

मित्रों आशा करती हूँ आपको पोस्ट पसंद आया। इसको अपने मित्रों से शेयर करना न भूलें।

जय माता दी।
Continue Reading

Til (Moles) on body parts meaning in Hinid | शरीर पर तिल के रहस्य


Moles on body parts interpretations in Hindi 

जानिए क्या मतलब होता है शरीर पर तिल का 


प्रत्येक व्यक्ति के शरीर में कोई न कोई काले रंग का छोटा सा निशान होता है, जिसे सामान्य भाषा में तिल कहा जाता है, शरीर के इन तिलों का अलग-अलग अंगों पर होने का महत्व है, हमारे धर्म ग्रंथो में इस विषय पर भी काफी लिखा गया है, कुछ अंगों पर तिल होने का फल इस प्रकार है-


माथे पर तिल - धनवान होना 

माथे पर दायीं ओर तिल - मान प्रतिष्ठा में विकास 

दोनों भोहों के मध्य तिल - यात्रा कारण

बायीं आँख पर तिल - पत्नी से कलह 

दायीं आंख पर तिल - पत्नी से प्यार 

होंठ पर तिल - काम में अधिक मन लगना

होंठ के नीचे तिल - धन की कमी होना 

होंठ के ऊपर तिल - जिद्दी स्वभाव का होना 

बायीं भुजा - पुत्र से सुख कि प्राप्ति 

जांघ पर तिल - ऐश्वर्य व भोग विलास 

कमर पर तिल - भौतिक सुख-सुविधाओं कि प्राप्ति 

पीठ पर तिल - जीवन में दुसरो पर आश्रित रहना 

नाभि पर तिल - कामुक होना, संतान सुख मिलना 

बायें कंधे पर तिल - मन में संकोच व भय रहना 

दायें कंधे पर तिल - साहस व कार्य क्षमता अधिक होना 

बाएं गाल पर तिल - धन का अपव्यय

दाएं गाल पर तिल - धन का विकास

कान पर तिल - आयु मध्यम होना 

गर्दन पर तिल - आराम प्राप्त होना 

दायीं भुजा पर तिल - मान सम्मान मिलना 

नाक पर तिल - यात्रा में रहना 

छाती के मध्य तिल - जीवन सुखमय रहना 

ह्रदय पर तिल - बुद्धिमान होना 

पीठ पर तिल - यात्रा करना

पेट पर तिल - अच्छा भोजन मिलना 

कमर पर तिल - मन अशांत रहना 

दायीं हथेली पर तिल - धनवान होना 

बायीं हथेली पर तिल - खर्चा अधिक 

पाँव के तलवे पर तिल - यात्रा अधिक 

बगल में तिल  - दूसरों को नुकसान पहुँचाना


यदि आपके शरीर पर भी कहीं तिल है तो आप ऊपर दिए हुए meaning of moles on body सूची से मतलब जान सकते हैं

आपको ये लेख पसंद आया तो अपने दोस्तों से शेयर करना न भूलियेगा

अपने विचार कमेंट बॉक्स में लिखें 
Continue Reading

Story in Hindi with lesson | सौ बार सोचिये किसी कार्य को करने के पहले

hindi-story-lesson

A thoughtful story in Hindi with moral

A story about mother and her son


महर्षि गौतम का एक बहुत ही ज्ञानी पुत्र था। उसका नाम चिरकारी था। वह किसी भी कार्य को करने से पहले उस पर देर तक विचार किया करता था, इसलिए उसका नाम चिरकारी पड़ गया था। कार्यों में विलम्ब करने के कारण लोग उसे आलसी तथा मंदबुद्धि भी कह दिया करते थे।

एक दिन की बात है, महर्षि गौतम की पत्नी से एक भारी अपराध हो गया। जब महर्षि को इस बात का पता चला, तो वे अपनी स्त्री पर बहुत ही क्रोधित हुए और अपने पुत्र चिरकारी से कहा- बेटा! तू अपनी इस दुस्कर्मा माता को मार डाल। इस प्रकार बिना विचारे गौतम अपने पुत्र को ऐसी आज्ञा देकर वन में चले गये। चिरकारी ने बहुत अच्छा – ऐसा कहकर पिता की आज्ञा स्वीकार की, फिर अपने स्वभाव के अनुसार पिता की आज्ञा पर देर तक विचार करता रहा। 


चिरकारी ने सोचा – एक ओर पिता की आज्ञा है और दूसरी ओर माता का वध। पिता की आज्ञा का पालन करना पुत्र का धर्मं है और माता की रक्षा करना पुत्र का परम धर्मं है। अतः मै कौन सा कार्य करूँ, कौन सा ऐसा उपाय करूँ?, जिससे पिता की आज्ञा का पालन भी हो जाये और माता का वध भी न करना पड़े। धर्म पालन के रूप में यह मेरे लिए तो बहुत बड़ा धर्म संकट आ गया है। 

क्योंकि माता का वध करके कोई पुत्र ‘पुत्र’ कैसे कहला सकता है और पिता की आज्ञा पालन नहीं करने से कौन पुत्र संसार मे इज्जत पायेगा? जिस माता ने मुझे जन्म दिया, मेर लानन-पालन किया, मै उसका वध किस प्रकार करूँ, और यदि वध नही करता हूँ, तो पिता की आज्ञा का उल्लघंन होता है। अतः मैं करूँ तो क्या करूँ? इस प्रकार विचार करते-करते चिरकारी को कभी माता का पक्ष ठीक लगता और कभी पिता का पक्ष ठीक लगता। 

देर से और बहुत सोच-विचार करके कार्य करने का स्वभाव होने के कारण चिरकारी बहुत देर तक विचार मे लीं होकर सोचता-विचारता ही रहा। इसी सोच-विचार में कितना समय निकल गया यह उसे पता ही नही चला। वह अंत तक माता के वध करने या न करने के असमंजस में ही पड़ा रह गया।

उधर गौतम ऋषि का वन में एकांत में सोचने पर क्रोध जब शांत हुआ, तब उतावली में किये गये अपने अनुचित निर्णय पर उन्होंने विचार किया और बहुत दुखी तथा व्याकुल हो उठे। इतना ही नहीं वे अपनी पत्नी के वध तथा उसके बिछोह की कल्पना करके रो पड़े।


इस प्रकार सोच विचार करते हुए गौतम उद्धिग्न हो उठे। वे बहुत देर तक वन में नहीं ठहर सके और जल्दी से चलकर अपने आश्रम में आ गए। उनक मन अनेक आशंकाओं से भरा था। जब वे आश्रम के निकट पहुँचे, तो उन्होंने चिरकारी को उस समय सोचने की मुद्रा में पाया। गौतम को संतोष हुआ कि अभी चिरकारी ने अपनी माता का वध नही किया है। उन्हें आश्रम में आया देखकर चिरकारी की विचार मुद्रा टूटी। 


चिरकारी ने कुछ सहमते हुए दौड़कर शस्त्र फेंक दिया और पिता के चरणों में गिर कर उनकी आज्ञा का उल्लघंन हो जाने के लिए क्षमा मांगी। इतने में ही गौतम की पत्नी वहाँ आ गयी। ऋषि ने अपनी पत्नी को देखा, तो वह अपने पाप कृत पर लज्जित से दिखाई पड़े। 


गौतम ऋषि की प्रसन्नता की सीमा न रही। उन्होंने चिरकारी को गले लगते हुए कहा- ‘बेटा! आज तेरे चिरकारी स्वभाव ने हम तीनों को बचा लिया है। मैंने बिना विचारे जो तुम्हें आज्ञा दे दी थी, यदि तुम उसका तत्काल पालन कर  देते, तो बहुत बड़ा अनर्थ हो जाता। तुम्हारा कल्याण हो, तुम दीर्घायु बनो। 


Lesson/सीख 

किसी भी अनुचित आदेश के मिलने के बाद उसके करने या न करने के विषय में खूब सोच-विचार करना चाहिए, भले ही उसमें कुछ देर लगे। क्योंकि काफी सोच-विचार के परिणाम फलदायी होतें हैं।
Continue Reading

Instant remedies for early marriage for boy and girl | जल्द शादी विवाह के असरदार उपाय व टोटके

late-marriage-solutions


Late marriage solutions in Hindi शादी समय से होने के लिए टोटके (प्राचीन उपाय)


अक्सर देखा जाता है कि लड़का या लड़की की आयु ज्यादा होने पर शादी आसानी से नहीं हो पाती ऐसे में पुजारी पंडितों द्वारा करवाए पूजा-पाठ भी व्यर्थ चले जातें हैं, पैसे के साथ समय भी बर्बाद होता है परन्तु काम नही बनता है इसके लिए कुछ अनुभूत टोटके यहाँ दें रहें हैं जो काफी लाभकारी हैं व आपको परिणाम अवश्य देखने को मिलेगाये उपाय सिर्फ शादी ही नहीं आपको अपना मनपसंदीदा जीवन साथी भी दिला सकते हैं जी हाँ, यदि अभी आप शादी के लिए अनुकूल उम्र में हैं तो आपको early marriage करने में कोई परेशानी नहीं होगी और सब कुछ आसानी से हो जायेगा, यहाँ तक कि अगर आप love marriage करना चाहते हैं तो भी आपको अच्छा-खासा फायदा होगा

यही नहीं, यदि आपकी शादी टूट चुकी है और आप एक नए हमसफ़र की खोज कर रहे हैं तो ये solution आपकी second marriage के लिए भी कारगर साबित होंगे। 

1. समय पर विवाह  होने के लिए शुक्ल पक्ष में किसी गुरुवार प्रातः उठकर स्नान करके पीले वस्त्र पहनें, बेसन देशी घी में भूनकर बूरा मिलकर 108 लड्डू चढ़ाये पीले रंग कि टोकरी में पीला कपड़ा बिछाकर उन लड्डू को रख दें, इच्छानुसार कुछ दान के लिए रख दें, यह सारा शिव मंदिर में जाकर शिव परिवार का पूजन कर मनोवांछित वर/वधु प्राप्ति का संकल्प कर किसी ब्राह्मण को दान दें, इस प्रयोग से जल्द विवाह की सम्भावना बनती है

2. किसी भी स्त्री पुरुष के विवाह में बाधा आ रही हो या वैवाहिक जीवन में तनाव हो, ती गणेश जी के मंदिर में हार फूल चढ़ाए हल्दी का तिलक लगायें (गणेशाय नमः) मन्त्र बोलते हुए गणेश जी पर 108 लड्डू व पीले फूल चाहएं, ऐसा 40 दिन नियमित करें, सभी बाधाएं दूर होंगी

--------------------------------------------------------
जानिए शरीर पर तिल से सम्बंधित टोटके व महत्व 
--------------------------------------------------

3. अगर कहीं लड़की कि शादी हो रही हो तो वहां लिफाफे में डाल कर फागुन दें और शगुन के पैसे पर लड़के या लड़की का हाथ जरुर लगवाएं तथा शगुन पकड़ा कर तुरंत चले जायें, ऐसा करने से शादी कि रुकावट दूर हो जाएगी

4. वीरवार को विष्णु लक्ष्मी जी मंदिर में जाकर विष्णु के मुकुट में पीली कलगी लगायें (कलगी जो सेहरे पर लगी होती है) तथा बेसन के 7 लड्डू चढायें, शादी जल्दी हो जाएगी

5. शनि पुष्प योग या शुक्ल पक्ष के प्रथम शनिवार को 250 ग्राम काली राई नए काले कपड़े में बाँध कर पीपल के पेड़ की जड़ में रख देनी चाहिए तथा शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें, विवाह की संभावनाए बनने लगेगी

मित्रों आशा करती हूँ कि late marriage से बचने के लिए आप इन उपायों को अपनायेगें व early marriage के benefits का भरपूर आनंद उठाएंगे

यदि आपके पास कोई अन्य delayed marriage solution है तो कमेंट बॉक्स में जरुर शेयर करें

Continue Reading

A Heart Touching True Love Story In Hindi : प्रेम कहानी जो आपके दिल को छू जाएगी : जरुर पढ़ें

love_story_in_hindi
प्रेम कहानी



A Sad Love Story In Hindi 

 एक लड़के और लड़की की अधूरी प्रेम कहानी 

कहानी का शीर्षक - मैं तुमसे प्यार करती हूँ, और तुम?

एक लड़का और एक लड़की थी।
वे कई सालों से अच्छे दोस्त थे।
वे फोन पर कई घंटे बातें किया करते थे और दिन भर हजारों sms एक दुसरे को भेजा करते थे।
जब तक वे साथ थे।
उन्हें किसी और चीज कि फिकर नहीं थी, दुःख की आहट उनसे कोसों दूर थी।
सब कुछ बहुत बढ़िया चल रहा था, लेकिन एक दिन...

लड़के ने पूरा दिन न फ़ोन उठाया न ही कोई sms भेजा।
लड़की को चिंता हुई कि कहीं कुछ गड़बड़ है।
रात भर वह सो नहीं सकी, रोती रही।
और उस दिन उसे पूरी तरह यकीन हो गया था कि वो उसके बिना नहीं जी सकती।

अगली सुबह
लड़के का फ़ोन आता है।
लड़का: ‘हेलो?’
लड़की: ‘मुझे बहुत खुशी है कि तुम मुझे फोन कर रहे हो, कल क्या हो गया था?’
लड़का: ‘मैं व्यस्त था।‘
(लड़की कुछ गलत समझ बैठी, लेकिन पूछ नहीं सकी)

[ कुछ देर के लिए दोनों एकदम शांत हो गये]

लड़का: ‘हम्म, मुझे लगता है कि अब हम आगे बात नहीं कर पाएंगे’
लड़की: ‘क्या? लेकिन क्यों??’
लड़का: ‘मुझे माफ़ कर देना, बाय।‘

[यह कहकर उसने फोन काट दिया, लड़की को लगा मानो किसी ने उसकी दुनिया ही उजाड़ दी हो]

उसके साथ बिताये हर लम्हें उसकी आँखों के सामने नजर आने लगे।
और वो फफक कर रोने लगी।
उसे कुछ समझ में नही आ रहा था।
वह बेहद अकेली, और टूटी हुई महसूस कर रही थी।

---------------------------------
बाप बेटे की प्रेरक कहानी पढ़ें 
---------------------------------

वह इस बात को स्वीकार ही नहीं कर पा रही थी कि वो लड़का उससे ऐसा कुछ कह सकता है।
और जितना ही इसके बारे में सोचती उतना ही वह रोती।
वह उसका नाम लेकर चिल्लाती, अपने बाल नोचती, और बार बार यही कहती - "तुमने ऐसा क्यों किया?"
फिर उसने अपने आप को किसी तरह संभाला।
और एक बार और कोशिश करने लगी अपने प्यार को मनाने के लिए!

[वह लड़के को फ़ोन करती है]

लड़की: ‘हेलो!’
लड़का: ‘तुम मुझे दुबारा क्यों कॉल कर रही हो?’
लड़की: ‘मैं तुम्हें कुछ बताना चाहती हूँ...।‘
लड़का: ‘आगे बोलो।‘
लड़की: ‘मैं बस तुमसे ये जानना चाहती हूँ कि तुम मुझे क्यों छोड़ रहे हो? क्या तुम ठीक हो? तुम्हें कोई प्रॉब्लम तो नहीं है?’
लड़का कुछ नहीं बोलता और फ़ोन काट देता है।

इस बार लड़की पूरी तरह से टूट गयी!
इस बार उसने पूरी कोशिश भी की थी,  “लेकिन हो सकता है वास्तव में इस लड़के को मेरे लिए कोई परवाह नहीं है” - उसने सोचा !
अब वह उसका पहले जैसा दोस्त नहीं था, बहुत बदल गया था वह।
वह रोती ही जा रही थी, उसके आँसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे।
लेकिन, फिर वह एकदम शांत हो गयी, और न जाने क्या सोचने लगी।
फिर उसने एक चिट्ठी घर पर छोड़ी और बाहर चली आई।

[5 घंटे बाद]

लड़के के कमरे में फ़ोन की घंटी बजती है।
इस बार लड़की की मां थी।
लड़की को एक कार ने टक्कर मार दी थी और वह अस्पताल मे भर्ती थी
लड़का तुरंत अस्पताल पहुँचा जहाँ लड़की को भर्ती कराया गया था।

लड़की ने लड़के का नाम लेते हुए अपनी आँखें खोली।
लड़के ने उसका हाथ अपने हाथ में ले लिया।
लड़का सिसक कर रोते हुए बोला, ‘मुझे माफ कर दो, यह सब मेरी गलती से हुआ है! लेकिन... प्लीज तुम एक बार जल्दी से सही हो जाओ, मैं वादा करता हूँ, सब कुछ सही हो जायेगा।
लड़की: ‘मैं अब शायद सही नही हो पाऊँगी।‘
लड़का: ‘नहीं ..! प्लीज, ऐसा न कहो।‘
लड़की: ‘बस मुझे एक बात बताओ तुमने ऐसा क्यों किया था??’
लड़के ने उसे बताया कि उसके दिल में छेद था और वह जल्द ही मरने वाला था।
और यह चीज उसको बता कर दुखी नहीं करना चाहता था, और ऐसा इसलिए क्योकिं वो उससे बहुत प्यार करता था। 

कहानी-हिंदी-में

लड़की: ‘मैं भी तुमसे प्यार करती हूँ,  उसके बाद उसके दिल की धड़कन बंद गयी और वह मर गयी!
लड़के को इस बात का गहरा आघात लगा और 10 मिनट के बाद वो भी मर गया।
उसे इस बात का सबसे बड़ा अफ़सोस था कि उसकी वजह से लड़की मर गयी थी।

Lesson/सीख 


यदि आप किसी से सच्चा प्यार करतें हैं, तो कभी भी अपनी भावनाओं को छुपाये नहीं, क्यूँकी ये इश्क ही तो मुकद्दर है जीवन का – क्या मिलेगा कम्भख्त धड़कन को दबा के।
प्यार सुन्दर है और प्यार ही जीवन है।

आपको कहानी कैसी लगी, नीचे कमेंट करें
Continue Reading