Infographic Hanuman Chalisa | कभी भी और कहीं भी आसानी से करें संकटमोचन महाबली हनुमान की आराधाना

Infographic: Hanuman Chalisa 


कभी भी और कहीं भी आसानी से करें महाबली श्री हनुमान जी की आराधना 


Hanuman Chalisha को कंठस्थ करने मात्र से ही हनुमान जी की असीम अनुकंपा प्राप्त होती है,और वे अपने भक्तों के सभी संकट को मिनटों में समाप्त कर देते हैं जैसा उनका नाम हैं, वैसे ही वो अपने नाम के अनुरूप अपने भक्तों के संकट को दूर करने के लिए हर समय तैयार रहते है कलियुग में हनुमान जी को जीवित देव के रूप में माना जाता है जो भक्त सच्चे मन से उनके सामने अपने समस्या रखता है वे उसको तुरंत कल्याण करते है 



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Shanivar Ke Totke and Upaye in Hindi | शनिवार को क्या जेब और पर्स में रखने से होती है शनि देव की असीम कृपा दृष्टि

Shanivar Ke Upaye in Hindi | शनिवार को क्या जेब और पर्स में रखने से होती है शनि देव की असीम कृपा दृष्टि

Shanivar Ke Totke and Remedies in Hindi

शनिवार को जेब या पर्स में रखें बस ये चीज़शाम तक जरूर देखेंगे लाभ


Shanivar Ke Upaye in Hindi | शनिवार को क्या जेब और पर्स में रखने से होती है शनि देव की असीम कृपा दृष्टि


Shaniwar Ke Rochak Totke and Chamatkari Upaye in Hindi  हैं आपके लिए खास जो बना देंगे आपके दिन को बहुत खास। शनिवार का दिन शनि को अनुकूल करने के लिए बहुत ही अच्छा माना गया है। मंदिरों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। Shanivar Ke Din Janme लोगों के लिए ये और भी खास है गली-मोहल्ले और चौराहों पर शनिदेव के नाम से दान लेने वाले दिखाई देते हैं। लोग उन्हें अपना काम छोड़ कर दान पहले करते हैं तकि शनि कृपा हो जाए।

कई बार कुछ जरुरी काम होने की वजह से कुछ लोग चाहकर भी शनिवार के दिन मंदिर नहीं जा पाते। ऐसे में किया गया एक छोटा सा प्रयोग शनिदेव का आशीर्वाद दिला सकता है। बस उनके प्रिय दिन शनिवार को जेब या पर्स में रखें ये चीज़, शाम तक जरूर देखेंगे लाभ


Shanivar Ke Upaye in Hindi | शनिवार को क्या जेब और पर्स में रखने से होती है शनि देव की असीम कृपा दृष्टि


* शनिवार को किया गया तिल का दान, दुख और दुर्भाग्य दूर करता है। किसी कारणवश ये दान करने में असमर्थ हैं तो तिल को जेब या पर्स में रखें।

Shanivar Ke Upaye in Hindi | शनिवार को क्या जेब और पर्स में रखने से होती है शनि देव की असीम कृपा दृष्टि


* शनिदेव को नीले रंग के फूल बहुत प्रिय है। इसलिए भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए ये फूल चढ़ाते हैं। आप उन्हें ये फूल नहीं चढ़ा सकते तो शनिवार को उसे जेब में रख लें। शाम तक लाभ मिलने के योग बनेंगे। 

Shaniwar ke Rochak Totke in Hindi

Shanivar Ke Upaye in Hindi | शनिवार को क्या जेब और पर्स में रखने से होती है शनि देव की असीम कृपा दृष्टि


* लोहे अथवा कांच की गोलियां अपने अंग-संग रखने से शनि और राहू दोनों के अशुभ प्रभाव दूर 
होंगे।

Shanivar Ke Upaye in Hindi | शनिवार को क्या जेब और पर्स में रखने से होती है शनि देव की असीम कृपा दृष्टि


* शनिवार को काजल का दान करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है और आंखों के विकार दूर होते हैं।स्वयं भी आंखों में काजल लगाएं, नहीं लगा सकते तो उसे अपने पास रखें।


Shanivar Ke Upaye in Hindi | शनिवार को क्या जेब और पर्स में रखने से होती है शनि देव की असीम कृपा दृष्टि



* काली उड़द दान करने से शारीरीक विकारों से मुक्ति मिलती है। शनिवार को इसे अपने पास भी रख सकते हैं।

Shanivar Ke Upaye in Hindi | शनिवार को क्या जेब और पर्स में रखने से होती है शनि देव की असीम कृपा दृष्टि



* शास्त्रों ने शनि के प्रभाव को कम करने हेतू एवं शनि की प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए कृष्ण वर्ण का दान और काले रंग के उपाय बताए गए हैं। यदि आप ऐसा करने में असर्मथ हैं तो नीले और काले रंग के कपड़े पहने। कपड़े पहनना भी संभव न हो तो इस रंग का रुमाल रखें। 

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Moral Stories | प्रेम और मासूमियत की शक्ति

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Moral Stories in Hindi


Enjoy This Short Moral Story in Hindi  

प्रेम और मासूमियत की शक्ति 

Moral Stories में हम आपके लिए लाये है एक Short  Story जिसमें आपको ये पता चलेगा कि एक बच्चे के मासूम दिल में बसे प्रेम के आगे तो वो भगवान् भी इस धरती पे आने पर विवश हो जाता है। और उसके द्वारा दिए हर एक प्रस्ताव का स्वीकार करने पर भी, इस तरह की तमाम Stories हम आप के साथ आगे भी शेयर  करते रहेंगे।


एक बार की बात हैं कि एक छोटा लड़का था जोकि भगवान से मिलना चाहता था। वह जानता था कि भगवान तक पहुँचने के लिए उसे एक लंबी यात्रा करनी पड़ेगी। उसने अपने सूटकेस में ब्रेड मक्खन के साथ दो बोटल फ्रूटी की भी रख ली और यात्रा शुरू कर दी। वह अपने घर से कुछ दूर गया ही नही था कि उसे एक बूढ़ी औरत दिखी। वह पार्क में बैठी कबूतरों को देख रही थी।

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लड़का उसके बगल में बैठ गया और अपना सूटकेस खोला। वह फ्रूटी पीने ही वाला था, कि तभी उसे एहसास हुआ कि बूढी औरत भी भूखी है। सो उसने उसको भी ब्रेड मक्खन खाने को कहा। बूढी औरत ने कृतागता से बच्चे की पेशकश को स्वीकार कर लिया और मुस्कुराते हुए आभार व्यक्त करने लगी। उसकी मुस्कान इतनी सुन्दर थी कि लड़का उसे एकबार फिर देखना चाहता था। सो इस बार उसने फ्रूटी की पेशकश की। और एक बार फिर वह उसपर मेहरबान था। लड़का बहुत खुश था। फिर वो दोनों दोपहर तक बैठे रहे,और खाते रहे। पर उन दोनों में से किसी ने एकदूसरे से कुछ नही कहा।

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धीरे शाम होने लगी। लड़के को थकान महसूस होने लगी। वह खड़ा हो गया और वापस घर की ओर कदम बढाने लगा। पर वह,अभी वो कुछ ही कदम आगे बढ़ाया था कि वो अचानक रुक गया। उसके कदम मानो जम गए हों। फिर वो पीछे मुड़ा और तेज से दौड़ते हुए बूढी औरत के पास आया, और उसके गले लग गया। और इस बार भी बूढी औरत मुस्कुराई, बड़ी लम्बी मुस्कान।

कुछ समय बाद जब लड़का अपने घर आता है। उसकी माँ उसके चेहरे पर अपार खुशी देख कर हैरान हो जाती है। वह उस से पूछी, "आज तुमने क्या किया है कि तुम इतने खुश हो?" उसने कहा, माँ आज मैंने भगवान के साथ दोपहर का भोजन किया।लेकिन उसकी माँ इससे पहले कुछ बोलती, वह बोला, "तुम जानती हो क्या? इससे खूबसूरत मुस्कान मैंने आज तक कभी नही देखी थी!"

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इस बीच, बूढ़ी औरत भी खुशी से चमक, अपने घर लौट आई थी। उसका बेटा उसके चेहरे पर शांति की नज़र से दंग रह गया था। कुतूहलवश उसने, "माँ, तुमने क्या किया है कि आज तुम बहुत खुश हो?" उसने कहा, "मैं भगवान के साथ पार्क में ब्रेड मक्खन खा रही थी।" लेकिन इससे पहले कि वो कुछ बोल पाता, उसने कहा, "तुम जानते हो? जितनी मैंने उम्मीद की थी, उसकी तुलना में वो बहुत छोटा है।"

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शिक्षा:
इस कहानी से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि भगवान सिर्फ सच्चे प्रेम के आधीन होते है, और भगवान् को वे लोगो हमेशा प्रिय होते है। जो  लोगो को ख़ुशी देते है, और दूसरों की मदत करते है।जिनकी सेवा निस्वार्थ होती है।भगवान को अगर पाना है तो लोगो को अथाह प्रेम ख़ुशी दो वो तुम्हे उसके और उसे तुम्हारे अन्दर मिल जाएगा

Moral: God is all over the place. We simply need to share our joy and make others grin to feel him.

The Most Funny Story in Hindi | गर्व से कहो हम ‘कुत्ता’ हैं

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गर्व से कहो हम ‘कुत्ता’ हैं 

एक जंगल था। काफी बड़ा। यहां हर तरह के फलदार और जंगली वृक्ष थे। झाड़ियां, लताएं और कैक्टस के पौधे इस जंगल का शृंगार करते थे। बीच से एक नदी बहती थी। और इस नदी से लगे ही पहाड़ियां थीं। पशु-पक्षियों के लिए तो जैसे स्वर्ग ही था। खाने की यहां कोई कमी न थी। आपसी प्रेम व भाईचारा ऐसा कि कहीं और देखने को ना मिले। इस जंगल से बाहर चारो ओर नगर बसे थे। लेकिन, नगर और जंगल के बीच एक ऐसी सीमा-रेखा थी, जिससे टपकर कोई इधर से उधर आता-जाता ना था।

एक दिन आसपास के नगरों से भागकर कुछ कुत्ते जंगल में प्रवेश कर गये। काफी घबराये हुए। चेहरे पर उदासी साफ दिखती थी। जंगल पहुंचते ही पहले तो इन सभी ने आसपास के क्षेत्र का मुआयना किया और फिर जो कुछ मिला, खाते गये। पेट भर जाने पर इधर-उधर घुमना शुरू किया। और फिर एक घने वृक्ष के पास आकर सभी एक दूसरे को देखने लगे, जैसे वे एक-दूसरे के स्वभाव को पढ़ना चाहते हों।

एक बोला - जगह तो काफी अच्छी है भाइयों। यहां किसी चीज की कमी नहीं है। नगर में यह सुख कहां !
दूसरा - मित्र ! ठीक कहते हो। नगर तो जैसे हम कुत्तों के लिए रह ही नहीं गया है। हमारी वफादारी पर भी अब आदमजातों ने शक करना शुरू कर दिया है। रात-दिन की पहरेदारी का पुरस्कार हमें मिलता ही क्या है ? सूखी रोटियां। मालिकों के जूठन। हम मालिक के तलवे चाटते हैं और वे हमें लात-जूते दिखाते हैं।

तभी एक कुतिया बोल पड़ी - भाइयों, मेरी स्थिति तो वहां और खराब थी। मेरे पैर देखो, जानते हो कैसे टूटे ? मालिक की एक बेटी थी। वह एक लड़के से प्यार करती थी। हालांकि वह लड़का उससे कतई प्यार ना करता था। उसकी आंखें ही बता देती थी कि वह गलत इरादे से वहां आता था। वह उस लड़की की इज्जत से खेलता था, बस। मैं इसका विरोध करती थी। खूब शोर मचाती थी। एक बार तो उसके पैर को मैंने अपने दांतों से पकड़ लिया। फिर क्या था, दोनों मुझपर लाठी लेकर टूट पड़े। किसी तरह जान बचाकर भागी।

तभी एक दूसरा कुत्ता बोला - बहन, रहने दो। मैं इन लोगों की शराफत को अच्छी तरह जानता हूं। यूं ही भागकर यहां नहीं आया। मैं भी एक बंगले का रखवाला था। उस बड़े बंगले में सिर्फ वह गोरी मैडम रहती थी। रहने, खाने, सैर-सपाटे, किसी भी चीज की मुझे कमी ना थी। कार में अपनी गोद में बिठाये लिये घुमती थी। लेकिन क्या कहूं, कहते भी मुझे शर्म आती है। पर उस गोरी मैडम को शर्म कहां थी ! मुझे अपने बिस्तर पर लेकर सोती थी। और मुझे कुकर्म करने को ....!

सभी कुत्ते बीच में ही बोल पड़े - रहने दो, रहने दो। हम फिर भी कुत्ते हैं, ऐसी नीच हरकत सुन नहीं सकते।
पहला - भाइयों और बहनों, अब हम यहीं रहेंगे। भूलकर भी नगर की ओर नहीं देखेंगे। आज से यही हमारा घर है। समझ लो हमारा नया नगर, प्रेमनगर। यहां किसी तरह का भेदभाव नहीं। कोई धर्म-जाति की दीवार नहीं। अमीर-गरीब नहीं। कोई राजा-रंक नहीं। हमारा धर्म, जाति, पहचान जो कुछ भी होगा, वह सिर्फ कुत्ता ही होगा। हम कुत्ता हैं और कुत्ता ही रहेंगे। ..... तो गर्व से कहो कि हम कुत्ता हैं। सभी बोलो - कुत्ता जिन्दाबाद ! कुत्ता जिन्दाबाद !! .... दोस्तों, अब हमें आराम करना चाहिए। कल इसी वृक्ष के नीचे हम सभा करेंगे और आगे क्या करना है, तय करेंगे।

कहते हैं ना कि बात निकलेगी तो दूर तलक जायेगी। सो बात निकली और पूरे जंगल में फैल गयी। अगले दिन शाम को फिर उसी वृक्ष के नीचे सभा लगी। दूसरे जानवर व पक्षी भी जमा हुए। यहां किसी के आने पर प्रतिबंध ना था। जिसे जहां जगह मिलती, बैठता गया। वातावरण शांत, मगर हवा में गरमी थी। नदी का बहना साफ सुनाई देता था। बंदर, भालू ने खाने की ढेर सारी चीजें जमा कर रखी थी। सभा शुरू हुई।

एक कुत्ता - मित्रों, आप सब को भी पता चल गया होगा कि हम यहां भागकर क्यों आए हैं। दरअसल नगर हमारे रहने लायक नहीं रह गया था। हम जानवर हैं और जंगल में ही आप सब के बीच सहज महसूस करते हैं। नगर की आवोहवा काफी बदल चुकी है। जाति, धर्म, ऊंच, नीच, अमीर, गरीब और न जाने क्या-क्या वहां मनुष्यों ने बना रखे हैं। यह हमारे स्वभाव व संस्कार में नहीं। इसके अलावा बहुत सारी ऐसी बातें भी वहां होने लगी हैं, जो आपसबों ने सुना ना होगा। नगर में चुनाव होते हैं। जनता जिन्हें अपने हित व मान-सम्मान की रक्षा के लिए चुनती है, वह ही उन गरीबों की जान लेने में लगा है। अपराधी वहां चुनाव जीत रहे हैं। अनपढ़ों की लाॅटरी लग गयी है। वहां ऐसों का ही शासन है ! सभ्य और पढ़े-लिखे उनके गुलाम। आईएएस, आईपीएस जैसे वहां पद हैं। काफी पढ़ने और कठोर परीक्षा के बाद यह किसी-किसी को नसीब होता है। उनकी यह गति है कि अपराधी और अनपढ़ नेताओं के पीछे सेवा-सत्कार में लगे हैं।

आवाम तो बस भगवान भरोसे है। कहीं कोई सुरक्षित नहीं। आए दिन बलात्कार होते हैं। चोरी, डकैती, राहजनी, हत्या आम बात है। दफ्तरों में रिश्वत का बाजार गरम है। फाइलें जंगली बेलों की तरह बढ़ती चली जाती हैं। बाबू लोग मोटे होते जाते हैं। गरीब सूखता जाता है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। क्या यह विकास है ? क्या इसे सभ्य समाज कहा जा सकता है ? सभ्यता का क्या मतलब कि बहू-बेटियां अधनंगी रहने लगें। और उसपर कोई सवाल खड़ा करे तो नारियों की आजादी पर हमला कहा जाये। भाइयों, नंगे को नंगा ना कहोगे तो क्या कहोगे ? अंधे को अंधा ना कहोगे तो क्या कहोगे ? सच को स्वीकारने में भी लज्जा आती हो, वह कैसी शिक्षा, कैसी सभ्यता ? मित्रों, इनसे अच्छे तो हम हैं। आज हम प्रकृति के नियमों का पालन करते हैं।

 सुना हूं, नगरों से काफी दूर जंगलों में आदिवासी रहते हैं। ये नगर से कटे हुए हैं। प्रकृति की गोद में। हमारी तरह कपड़े नहीं पहनते। लेकिन, क्या मजाल कि इनकी बहू-बेटियों की तरफ कोई गंदी नजर से देखे। बलात्कार जैसे कुकृत्य तो ये जानते भी नहीं। अब आप ही तय करें कि हमने नगरों से भागकर क्या गुनाह किया। क्या आप चाहेंगे कि आपका कोई भाई उस नरक में रहे। नहीं। तो आइए, हमसब मिलकर यहीं रहेंगे। यहीं हमारा घर, हमारा नगर होगा - हमारा प्रेमनगर। क्या कहते हो भाइयो !

दूसरे कुत्ता ने समर्थन किया - ठीक कहते हो भाई। बिल्कुल ठीक। जो शिक्षा समाज को चैपट करे, वहां रहने लायक नहीं। जहां सबके सब उलटी दिशा में बह रहे हों, पूरा वातावरण दूषित हो चुका हो, वहां रहने लायक नहीं। अब देखो ना, नगरों में तो सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। पर्यावरण का नाश कर रखा है लोगों ने।

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विकास के नाम पर पेड़ काटे जा रहे हैं। तालाब, पोखर, जलाशय, नदियां, सभी सूख गये। कहीं पानी दिखता भी है, तो पीने लायक नहीं। जमीन में पानी का स्तर लगातार नीचे जा रहा है। लोग प्यासे मर रहे हैं। खेती-बारी चैपट है। जमीन का पानी बचाना छोड़कर लोग चांद और तारों पर पानी खोज रहे हैं। क्या उसे भी चैपट कर देने की कसम खा रखी है ? दोस्तों, मैं तो कहता हूं कि जहां आदमजात पहुंच जाये, वहां का नाश होना तय है। इतने पर भी लोग अपना गुनाह मानने को तैयार नहीं। सभी एक-दूसरे को दोषी ठहराते हैं। कई जंगलों का सफाया कर दिया। हमारे भाई-बंधु मारे गये। लेकिन, हमने कभी कुछ नहीं कहा।

भाइयों, अब समय आ गया है अपने जंगल को बचाने का। इस जंगल में हम आदमजात को घुसने नहीं देंगे। क्या हम जानवरों ने कभी प्रकृति के साथ खिलवाड़ किया ? कभी पेड़ काटे ? हम तो उतना ही फल, पत्तियां तोड़ते हैं, जितनी हमारी आवश्यकता है। हमारा अस्तित्व संकट में है। अगर अब भी इसी तरह सहते आये, तो हम पशु धरती पर नहीं रह पाएंगे।

तभी एक कुत्ता चिल्लाया - प्रेमनगर की जय ! कुत्ता जिन्दाबाद ! पशु जिन्दाबाद !!

शांत मित्र, हमारे समाज की एक अच्छी बात है कि यहां कोई नेता नहीं। अफसर, चपरासी, डाॅक्टर, अभियंता, वैज्ञानिक नहीं, वैसे शिक्षक भी नहीं जो संस्कार ना सिखा सके। साधु, संत, औघड़, फकीर भी नहीं। जितना इन सभी ने धरती का नाश किया, उतना गांव के गरीबों ने नहीं किया होगा।

 जंगलों में रहने वाले आदिवासी ने भी नहीं। अलग-अलग कारणों से अब ऐसे शहरी जेल भेजे जाते हैं। कोई गबन का आरोपी ठहराया जाता है, कोई बलात्कार का। किसी के ठिकाने से लाशें निकलती हैं, किसी के ठिकाने से असलहें। कोई नशीली चीजें बेचता पकड़ा जाता है। भाइयों, मैं तो कहता हूं कि अपने अन्य भाई-बंधुओं को भी आदमजात से छुड़ाना चाहिए/। वे वहां भूखों मर रहे हैं। उनके बच्चों का संस्कार खराब हुआ जाता है। उनका चारा कोई और खाकर मजे से घुम रहा है। कोई काले हिरण को मारकर ऐश करता है। कोई बाघ, शेर का शिकार कर खुद को महान समझता है। हम कबतक चुप बैठे रहेंगे ?

यह संकट का समय था। जानवर तो जानवर, लाचार, गरीब, मजदूर भी संकट में एकजुट को जाते हैं। हां, सभ्य समाज इस स्थिति में बंटा दिखाई देता है। यह गरीब, बेबस, अनाथ, मजदूरों का सबसे बड़ा हथियार है। आत्मबल से तो कई जंग जीत लिये गये। कभी-कभी जो मजा अभाव में दिखता है, संपन्नता में नहीं। सभी पशु-पक्षी इस सूत्र को अच्छी तरह जानते हैं। या कह लेें, विरासत में उन्हें यह मिलता रहा है। और देखते ही देखते सभा की चुप्पी टूटी। एक शेर निकलकर बीच में आ बैठा, बोला - दोस्तों, अब कहीं और जाने की जरूरत नहीं। आप सब हमारे परिवार के सदस्य हैं। यहीं हमारे साथ रहें।

सभी कुत्ते एकसाथ बोल पड़े - जंगल जिन्दाबाद ! प्रेमनगर की जय ! कुत्ते अमर रहें !! जानवर अमर रहें !!
कुत्तों को चिल्लाता देख अन्य सभी पशु-पक्षी सुर में सुर मिलाने लगें - प्रेमनगर की जय ! जंगल जिन्दाबाद !! जंगल जिन्दाबाद !!!

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Story Shared By Mr. Rajiv Mani





व्यंग्य लेखक 
राजीव मणि
पटना 











Home Remedies for Prostatitis | कैसे करें Prostaitis का घरेलू उपचार

Home Remedies for Prostatitis

Home Remedies for Prostatitis  and How to Cure Prostatitis without Antibiotics

 Prostatitis  के घरेलु  उपाय-


Home Remedies for Prosatitis and How to Cure Prostatitis without Antibiotics में हम ये जानेगें कि कैसे हम के बिना Antibiotics घरेलू तरीकों से इस मर्जका इलाज कर सकते हैं   

कई लोगों को पेशाब के दौरान कभी-कभी दर्द सा महसूस होता है, जबकि पेशाब के दौरान दर्द का अनुभव हल्का हल्का या ज्यादा भी हो तो आपको समझ या अनुमान हो जाना  चाहिए कि व्यक्ति dysuria (पेशाब में जलन होने वाले रोग ) से पीड़ित हो सकता है।

Dysuria रोग में दर्द, जलन  पेशाब के दौरान अनुभव  मूत्राशय (मूत्रमार्ग) या अपने गुप्तांग (मूलाधार) आसपास के क्षेत्र के बाहर मूत्र वाहनी करती है। कुछ मामलों में, इसमें अपने शरीर को भी गरम महसूस करते हैं।

Dysuria अपने आप में एक बीमारी है, इस बीमारी का कोई एक लक्षण नहीं है। यह  पुरुषों और महिलाओं दोनों को हो सकता है, उम्र 18 से 50 पार करने के समय महिलाओं को पुरुषों की तुलना मेंइस रोग के होने की अधिक संभावना होती है।

महिलाओं में दर्दनाक पेशाब का सबसे आम कारण  मूत्र पथ में बैक्टीरिया के कारण संक्रमण है। पुरुषों में मूत्रमार्ग और कुछ प्रोस्टेट की स्थिति इस समस्या को पैदा कर सकता है।

अन्य स्थिति भी इसके symptoms है जोकि दर्दनाक पेशाब होने का कारण हो सकता है,गुर्दे की पथरी, क्लैमाइडिया, cystitis (मूत्राशय के संक्रमण), जननांग दाद, गुर्दे के संक्रमण, prostatitis (प्रोस्टेट सूजन), यौन संचारित रोगों (एसटीडी), योनि संक्रमण और खमीर संक्रमण (योनि) कर रहे हैं। स्वच्छता की कमी भी इस समस्या का कारण हो सकता है।

 रोग को रोकने के लिए और दर्द का इलाज और dysuria के रोग से जो लोग पीड़ित है। एक ही समय में, कुछ घरेलू उपचार से मदद ले सकते हैं।

यहाँ  पर dysuria के लिए 10 घरेलू उपचार  दिए  है, जिन्हें उपयोग कर दर्द से निजाद पा सकते हैं।

1. बढ़ाएँ पानी का सेवन 

How to Cure Prostatitis without Antibiotics
पानी की मात्रा बढ़ाने से फायदे

अगर आप पानी का सेवन कम करते हो तो आपको अपने पानी का सेवन बढ़ाना होगा क्यूंकि ये दर्दनाक पेशाब के  इलाज में मदद करने के लिए अत्यधिक मददगार है । पानी आपके शरीर से बाहर निकल संक्रामक बैक्टीरिया को पेशाब या पसीने द्वारा बाहर निकलने में मदद करता है और  इस समस्या को ठीक करने में   भी मदद करता है।

पानी पीने की मात्रा बढ़ा देने से पानी की कमी को भी कम किया जाता। पानी एक सामान्य स्तर पर शरीर में किसी भी अतिरिक्त गर्मी को बाहर निकालने में मद्द करेगा और पेशाब को बढ़ावा देगा।

पानी का  सेवन दिन भर में खूब जादा करना चाहिए । पानी आधारित फल और सब्जियां खाने। सूप, smoothies, रस इत्यादि चीजें से में शरीर हाइड्रेटेड अवशोषित करने में मदद मिलेगी।

2. गर्म-Packs 


गर्म सेंक के फायदे 


गर्म थैली की मद्द से दर्द को शांत कर सकते हैं। गर्मी के मदद से मूत्राशय दबाव को कम करने और दर्द को कम में आसानी होगी।

5 मिनट के लिए अपने पेट के निचले हिस्से पर एक गर्म सेक लागू करें। कुछ समय के लिए प्रतीक्षा करें और फिर पुन: यही क्रिया दोहराएँ।

दर्द से राहत पाने के लिए हीटिंग बैग का उपयोग कर सकते हैं।

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3. एप्पल साइडर सिरका 


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एप्पल साइडर सिरका से फायदे

एप्पल साइडर सिरका में जीवाणुरोधी और रोधी गुण है, इसके मदद से है दर्दनाक पेशाब के संक्रमण का मुकाबला किया जाता है। इसके अलावा, यह एंजाइम, पोटेशियम और अन्य उपयोगी खनिज का एक सम्पूर्ण स्रोत है, और शरीर की प्राकृतिक पीएच संतुलन बनाये रखने में मदद करता है।

गर्म पानी एक गिलास में अनफ़िल्टर्ड सेब साइडर सिरका 1 चम्मच, शहद का 1 चम्मच मिलाएं। इसे  दिन में दो बार पियें।

इसके अलावा, आप अपने नहाने के पानी में सेब साइडर सिरका के 1 से 2 कप मिलाये। 15 से 20 मिनट के लिए पानी में मिला रहने दें । इस तरह  दैनिक रूप से इसका उपयोग करें। जब तककी आपकी  हालत में सुधार न हो जाये।

4. बेकिंग सोडा 


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बेकिंग सोडा से फायदे 

बेकिंग सोडा भी मदद मिल सकती dysuria आसानी से दूर करने में । यह क्षारीय यौगिक आपके मूत्र, जो बारी में पेशाब के दौरान आसानी जल उत्तेजना में मदद करता है उस अम्लता को कम करने में मदद करता है, और यहां तक कि पेशाब  बार-बार करने की क्रिया को भी कम कर देता है। इसके अलावा, यह शरीर की पीएच स्तर के संतुलन को बनाये रखने में मदद करता है।

बेकिंग सोडा का 1 चम्मच एक गिलास पानी में मिलाएं और तब तक मिलाएं जब तक यह पूरी तरह से घुल न जाये।

इसका सेवन सुबह खाली पेट करना होता हैं। एक सप्ताह तक  इस क्रिया को लाभ होने तक दैनिक रूप से दोहराएँ।

5. सादा दही 

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सादे दही से होने वाले फायदे 

सक्रिय तासीर के साथ सादा, unsweetened दही भी बहुत उपयोगी होता है। सक्रिय तासीर खाड़ी में बुरे जीवाणु को ख़त्म करने और स्वस्थ जीवाणुओं के विकास को बढ़ावा देने में मदद देने वाला होता है।

यह किसी भी तरह से संक्रमण के प्रभाव को कम करने और एक स्वस्थ योनि पीएच संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। इस तरह के रोगों से लड़ने में मदद करता है।

दैनिक सादा दही के 2 से 3 कप दही खाना चाहिए।

दही को भी हम योनि की सिकाई के रूप में 2 घंटे के लिए प्रयोग कर सकते हैं। इस दिन में दो बार करें जब तक आपको राहत न मिल जाये।

6. नींबू 

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नीबू के उपयोग से होने वाले फयदे 

नींबू भी अच्छी तरह से काम करता है दर्दनाक पेशाब से संबंधित कुछ लक्षणों को कम करने के लिए। नींबू के रस का शरीर पर अम्लीय alkalizing प्रभाव पड़ता है । इसके अलावा, ये अपने साइट्रिक एसिड और मजबूत जीवाणुरोधी और antiviral गुण से इस समस्या को रोकने में मदद करता ।

एक गिलास गुनगुने पानी में 1 नींबू का रस निचोड़ और उसमें शहद का 1 चम्मच मिश्रण अच्छी तरह से मिलाएं।
एक नियमित आधार पर सुबह में एक खाली पेट पर इसे पीते रहें।

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7. अदरक 

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अदरक से होने वाले  फायदे

अदरक में जीवाणुरोधी और antiviral का गुण होता है, जो दर्दनाक पेशाब पैदा होने से रोक सकता है
1 चम्मच अदरक का पेस्ट और कच्चे शहद के पेस्ट को दिन में एक बार दैनिक रूप से दिन में एक बार ले सकते हैं ।

वैकल्पिक रूप से, गुनगुने दूध या पानी  एक गिलास में लेकर उसमें अदरक का रस 1 चम्मच मिलाये और दैनिकरूप से  इसे पीते रहें।

अदरक की चाय रोजाना 2 से 3  कप लेने से इस रोग में काफी हद तक राहत मिलती है।

8. खीरा  

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खीरा खाने से होने वाले फायदे 

खीरे के मूत्रवर्धक प्रकृति के कारण dysuria के लिए एक पुरानी उपाय में से एक हैं। क्यूंकि लगभग 95 प्रतिशत पानी होता है, इसलिए ये एक महत्वपूर्ण दवा के रूप में मदद करता है। यह शरीर में हाइड्रेटेड की मात्र बनाये रखने और हानिकारक विषाक्त पदार्थों से मुक्त रखने में भी कारगर होता है। इसके अलावा, पानी की मात्र आधिक होने के कारण  शरीर के तापमान को सामान्य बनाये रखने में मदद करता है।

ककड़ी का रस 1 कप को तैयार करके उसमे 1 चम्मच शहद और नींबू के रस को अच्छी तरह मिक्स कर दिन में दो बार पियें।

इसके अलावा, 2 से 3 खीरे दैनिक रूप से भोजन में सम्लित कर खाते रहें।

9. धनिया के बीज 

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धनिया खाने से होने वाले फायदे 

धनिया के बीज भी dysuria को कम करने में मदद करते हैं। इन बीजों का जीवाणुरोधी गुण मूत्र मार्ग की संक्रमण से रक्षा में मदद करता है। यह भी पानी तासीर के अनुसार दर्दनाक पेशाब में जलन की मात्र को कम करता है। इसके अलावा, यह अत्यधिक शरीर की गर्मी को भी कम करने में मद्दकरता है।

कुछ मिनट के लिए पानी में1 कप के धनिया के बीज 2 मिनट तक उबाल लें। यह तनाव शांत करने के लिए और पेशाब की जलन को शांत करने के लिए एक दिन में 2 बार ही पीना चाहिए दो बार से जादा इसका प्रयोग न करें।
तीन कप पानी में 1 चम्मच धनिया बीज पाउडर मिलाएं और इसे भीगने के लिए रात भर छोड़ दें। अगले दिन सुबहइसमें छोटा सा गुड का टुकड़ा मिलायें और इस पानी को दिन में तीन बार पियें।

 जब तक दर्द या जलन में कम होता न दिखे तब तक इन उपायों को दोहराते रहें।

10 मेथी के बीज 


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मेथी के दाने के उपयोग से होने वाले फायदे

आयुर्वेद के अनुसार, dysuria के लिए एक और कारगर उपाय मेथी के बीज है। वे योनि में पीएच स्तर को सुधारने में मदद करता है, इन बीजों के द्वारा इस रोग से जुड़े किसी भी प्रकार के संक्रमण को रोकने में मदद मिलती है। शरीर में विषाक्त पदार्थों के संचय को रोकने में भी मदद करता है।

एक गिलास छाछ में आधा चम्मच मेथी के बीज का पाउडर मिला कर सेवन करें। इसे दिन में दो बार पियें।
मेथी के बीज का पाउडर में 1 चम्मच शहद मिला कर इस मिश्रण को दिन में दो से तीन बात पियें।



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अतिरिक्त युक्तियाँ -

एक गिलास नारियल पानी दिन में दो बार पियें, जब तक आपको पूरी तरह से आराम न हो जाये।
महिलायें अपने जननांग क्षेत्र को साफ और सूखा रखें

महिलाओं को मल त्याग करने के बाद अच्छी तरह से साफ सफाई रखनी चाहिए

गीले कपड़े या लंबी अवधि के लिए स्विमिंग सूट में रहने से बचें।

साबुन, योनि स्प्रे और douches प्रयोग से बचें।

सूती अंडरवियर पहनें और चुस्त जींस और पैंट पहनने से बचें।

यौन व्यवहार करने से पहले और बाद योनि को अच्छी तरह धो लें। संभोग के बाद तुरंत पेशाब करने से मूत्राशय और मूत्रमार्ग से बैक्टीरिया का संक्रमण कम हो जाता है।

ऐसे कैफीन, मसालेदार भोजन, कार्बोनेटेड पेय और कृत्रिम मिठास के रूप में खाद्य पदार्थों से बचें, क्योंकि इनसे आपकी हालत और खराब हो सकती हैं।

विटामिन सी के उच्च खाद्य पदार्थ खाएं या एक चिकित्सक से परामर्श के बाद विटामिन सी की खुराक ले।

जरूरत के रूप में शौचालय का उपयोग करें और एक लंबे समय के लिए पेशाब को रोके नहीं है।
अत्यधिक शराब और धूम्रपान से बचें।

इन सब उपाय को तब तक करते रहें। जब तक आपको इस रोग से मुक्ति ना मिल जाये।

आशा करती हूँ कि आपको आप को ये पोस्ट पसंद आया होगा।आप अपने विचार और सुझाव और नीचे कमेंट बॉक्स में दें।

Miracles in Indian Temples | इन चमत्कारी मंदिरों में से तो कुछ ऐसे मंदिर भी जिनके रहस्य विचित्र है तथा आज भी उन पर वैज्ञानिक शोध कर रहे है |


Miracles in Indian Temples |  Mystery of  Indian Temple

इन चमत्कारी मंदिरों में से तो कुछ ऐसे मंदिर भी जिनके रहस्य विचित्र है तथा आज भी उन पर वैज्ञानिक शोध कर रहे है |

Miracles in india kasardevi temple के बारे में हम आज बात करेंगे कि kasardevi nasa की क्या महत्ता है । वैज्ञानिक kasardevimandir के बारे में क्या शोध कर रहे हैं। Kasardevimandi के इतिहास के बारे kasardevi history लोगों कापने विचार और आस्था है। How to reach kasardevi तक जाने के लिए पर्यटक बहुत दूर दूर  से लोग आते हैं।  Kasardevi का मंदिर kasardevialmora के नाम से भी जाना जाता है।  

  इसी तरह आज हम ऐसे कई दिव्य मंदिरों के विषय में बात करेंगे -


1. कसार देवी मंदिर अल्मोड़ा - उत्तराखंड


Kasaar Devi Ka Prasidh Mandir 

कसार देवी मंदिर के बारे में कहा जाता है की यहाँ आने वाले भक्तो की हर मनोकामना तुरंत पूरी होती है  यहाँ कुदरत की खूबसूरती के साथ ही एक अद्भुत अनुभव का अहसास भी होता है । अल्मोड़ा से लगभग 10 किलो मीटर की दुरी पर अल्मोड़ा बिनसर मार्ग पर स्थित कसार देवी के आस पास पाषण मिलेंगे । 

यहां आकर श्रद्धालु असीम मानसिक शांति का अनुभव करते हैं ।  ऐसा क्यों? क्योंकि यह अद्वितीय और चुंबकीय शक्ति का केंद्र भी है अनूठी मानसिक शांति मिलने के कारण यहां देश-विदेश से कई पर्यटक आते हैं । 
नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तराखंड में अल्मोड़ा स्थित कसार देवी शक्तिपीठ, दक्षिण अमेरिका के पेरू स्थित माचू-पिच्चू और इंग्लैंड के स्टोन हेंग अद्भुत चुंबकीय शक्ति के केंद्र हैं  इन तीनों जगहों पर चुंबकीय शक्ति का विशेष पुंज है। नासा के वैज्ञानिक चुम्बकीय रूप से इन तीनों जगहों के चार्ज होने के कारणों और प्रभावों पर शोध कर रहे हैं । 

पर्यावरणविद डॉक्टर अजय रावत ने भी लंबे समय तक शोध करने के बाद बताया कि कसारदेवी मंदिर के आसपास वाला पूरा क्षेत्र वैन एलेन बेल्ट है, जहां धरती के भीतर विशाल भू-चुंबकीय पिंड है । इस पिंड में विद्युतीय चार्ज कणों की परत होती है जिसे रेडिएशन भी कह सकते हैं । 

पिछले 2 साल से नासा के वैज्ञानिक इस बेल्ट के बनने के कारणों को जानने में जुटे हैं । इस वैज्ञानिक अध्ययन में यह भी पता लगाया जा रहा है कि मानव मस्तिष्क या प्रकृति पर इस चुंबकीय पिंड का क्या असर पड़ता है?

कहते हैं कि स्वामी विवेकानंद 1890 में ध्यान के लिए कुछ महीनों के लिए आए थे । बताया जाता है कि अल्मोड़ा से करीब 22 किमी दूर काकड़ीघाट में उन्हें विशेष ज्ञान की अनुभूति हुई थी । इसी तरह बौद्ध गुरु लामा अंगरिका गोविंदा ने गुफा में रहकर विशेष साधना की थी । हर साल इंग्लैंड और अन्य देशों से अब भी शांति प्राप्ति के लिए सैलानी यहां आकर कुछ माह तक ठहरते हैं । 

2 .हिंगलाज माता मंदिर - बुलिचस्तान


Hinglaj Mata Ka Mandir

Hinglaj Mata temple पाकिस्तान में स्थित बुलिचस्तान के जिला लसबेला में हिंगोल नदी के किनारे पहाड़ी गुफा में माता पार्वती का अति प्राचीन हिंगलाज hinglajdev मंदिर स्थापित है  माता का यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है  इस मंदिर के महत्व का उल्लेख देवी भागवत पुराण के साथ-साथ अन्य पुरानो में भी मिलता है । 

भारत  पाकिस्तान के बटवारे के समय पाकिस्तान में स्थित कई धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहर व मंदिर तोड़ दिए गए  माता हिंगलाज के मंदिर को भी कटरपंथियो द्वारा तोड़ने का प्रयास किया गया परन्तु माता के इस मंदिर के चमत्कार से वे मोत के मुंह में समा गए  माता हिंगलाज के इस चमत्कारिक मंदिर की देख रेख मुसलमानो द्वारा की जाती है। 

ऐसी मान्यता है की इस चमत्कारी मंदिर में आकर जो कोई भी भक्त अपनी मनोकामना माता हिंगलाज hinglajdevi temple in pakistan history in hindi hinglajdevimandir के सम्मुख रखता है  । वह अवश्य ही पूरी होती है यहाँ वर्ष में एक बार भारत एवं पाकिस्तान के हिन्दू यात्रा करते है  माता हिंगलाज के इस मंदिर में अनेक चमत्कारी शक्ति व्याप्त है। 


3 .जगन्नाथ मंदिर - उड़ीसा


Jagan Nath Puri Mandir

Jagannath Puri Mandir हिन्दू धर्म के प्रसिद्ध 7 पवित्र नगरियों में से एक जगन्नाथ पूरी उड़ीसा राज्य के समुद्री तट पर स्थित है । जगन्नाथ का यह मंदिर भगवान विष्णु के 23 वे अवतार श्री कृष्ण को समर्पित है पुराणों के अनुसार इसे वैकुंठ धाम भी कहा गया है तथा इसे भगवान विष्णु के चार धामों में से एक माना जाता है। 

इसे श्री क्षेत्र, श्रीपुरुषोत्तम क्षेत्र, शाक क्षेत्र, नीलांचल, नीलगिरि और श्री जगन्नाथ पुरी भी कहते हैं । यहां लक्ष्मीपति विष्णु ने तरह-तरह की लीलाएं की थीं । 

यहाँ देश विदेश से दर्शन को आये श्रृद्धालु को एक अलग से अहसास की अनुभूति प्रदान होती है । भक्त यहाँ अपनी अपनी मनोकामनाएं लेकर आते है और वे सभी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती है । 

4 .महाकाली शक्तिपीठ पावागढ़ - गुजरात


Maha Kali Shaqti Pith

गुजरात की उच्ची पावगढी पहाड़ियों पर स्थित माता काली का शक्तिपीठ सबसे जाग्रत कहा जाता है. यहाँ स्थित माँ काली को महाकाली के नाम से पुकारा जाता है, माता का यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है यहाँ देवी सती के दाहिने पैर की उंगलियां गिरी थी । 

यह मंदिर गुजरात की प्राचीन राजधानी चंपारण्य के पास स्थित है, जो वडोदरा शहर से लगभग 50 किलोमीटर दूर है. पावागढ़ मंदिर ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है  रोप-वे से उतरने के बाद आपको लगभग 250 सीढ़ियां चढ़ना होंगी, तब जाकर आप मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंचेंगे । 

5 .मेहंदीपुर बालाजी मंदिर - राजस्थान


Mehndipur Bala Ji

Mehndipur Bala Ji राजस्थान के दौसा जिले के दो पहाड़ियों के बीच बसा हुआ घटा मेहंदीपुर नामक स्थान है जहां पर एक बहुत बड़ी चट्टान में हनुमानजी की आकृति स्वतः ही चमत्कारी रूप से उभर आई है, जो भक्तो के मध्य श्री बालाजी महाराज के नाम से प्रसिद्ध है । इसे हनुमानजी के बाल स्वरूप में पूजा जाता है। बालाजी के चरणों में एक छोटी सी कंडी है इसका जल कभी समाप्त नहीं होता है । 

यहां के हनुमानजी का विग्रह काफी शक्तिशाली एवं चमत्कारिक माना जाता है तथा इसी वजह से यह स्थान न केवल राजस्थान में बल्कि पूरे देश में विख्यात है  यहां हनुमानजी के साथ ही शिवजी और भैरवजी की भी पूजा की जाती है।

जनश्रुति है कि यह मंदिर करीब 1,000 साल पुराना है. यहां पर एक बहुत विशाल चट्टान में हनुमानजी की आकृति स्वयं ही उभर आई थी  इसे ही श्री हनुमानजी का स्वरूप माना जाता है । 

आशा करती हूँ कि आपको ये पोस्ट पसंद आया होगा । अपने भाग्य को अजमाने और सभी देवी-देवताओं के आशीर्वाद पाने के लिए इनका ध्यान और पूजन अवश्य करें । अपने सुझाव और विचार नीचे कमेंट बॉक्स में जरुर दें ।   

Ladki Patane Ke Best Tarike | किन आसान तरीकों से लड़कियां होती है आकर्षित?

ladki patane ke tips

What is Easiest Way to Attract a Girl - Tips & Tricks

इन आसान तरीकों से लड़कियां होती है आकर्षित


Ladki patane ke tarike आज कल हजारों लोग ये ढूढ़ते है लड़कियां पटाने के तरीके या यूँ कह लीजिये कि love tips in hindi में जिसे वो अपने स्कूल, कॉलेज में अपनी पसंद की girls को attract करने के लिए use कर सके तो हम आगे इस बारे में बात करेंगे कि आप अपनी गर्लफ्रेंड को कैसे impress सकते है। 

Ladki Patane ka best tarika ये है कि हमें लड़की के विषय में हर बात पता होनी चाहिए कि लड़की को कब और क्या पसंद है Ladki Propose karne ka tarika सब का अपना अपना अलग होता है।  कुछ लोग Facebook par ladki patane ka tarika अपनाते है तो कुछ का affair अपने रिश्तेदारी में ही होता है और वो ladki ko patane ke best tarike आजमाते हैं। 


Ladki Patane Ke Tarike Hindi me | Love Tips in Hindi



200+ ladki patane ke tarike


अगर आप अभी तक अकेले है या फिर किसी से प्यार करते है या फिर अपना जीवनसाथी चुनने जा रहे है
 तो भूल से भी उन्हें पुराने या २०वीं शताब्दी के जमाने के हिसाब से न प्रपोज करिए। 

क्यूँकि बदल गए है लड़कियों के नजरिये अपने साथी के लिए और वक़्त भी, उनके तौर तरीके भी, इन सब चीजों के अलावा भी बहुत सी बातें है जो लड़कियां करती हैं नपसंद
। 


 propose karne ke tarike


आपको अपने व्यक्तिव को बेहतर तरीकों से निखारना होगा। 

आपको जमाने के साथ अपनी मानसिकता को और अपने स्वभाव में परिवर्तन करने होगें। 

अपने sense of humour को अधिक निखारना होगा

खुद को हर situation से निपटने के लिए active बनाये रखना होगा

लडकियों को सिंपल लड़के अधिक पसंद होते है लेकिन?...


ladki patane ke tarike in hindi


-उन्हें बुरी situation से उतने ही आत्मविश्वास और सख्ती के साथ किसी भी मुसीबत से निपटने वाले लड़के भी पसंद होते हैं

लड़कियों से जुडी कुछ खास बातें जो रखिये हमेशा ध्यान:

लड़कियों को लड़कों में simplicity बहुत पसंद आती है, उन्हें किसी तरह का बनावटीपन नही पसंद होता है, इस लिए उनके सामने अपना negative face मत रखे- जैसे हैं वैसे ही उनसे पेश आइये

19 tarike ladki propose karne ke

लड़कियां अधिकतर उन्हीं लड़कों के साथ अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहती हैं जो उनको इस busy life में time दे सके, इसलिए अगर आप अपने girlfriend के साथ अपना रिश्ता आगे बढ़ना चाहते हैं तो उनको time दे। 

आप उन पर बेवजह की अपनी मर्जी मत थोपें, अगर उन्ही उस रिश्ते में कोई दबाव या बंदिश लगेगी तो आप का रिश्ता ज्यादा दिनों तक नही चल पाएगा । 

उन्हें आजादी से वो सब करने दें जो वे करना चाहती हैं या उन्हें अच्छा लगता है

अपने साथी का मानसिक यानि mental, emotional, और financial तौर पर उनका साथ दे जरुरत पड़ने पर. क्योंकि हम जिनसे प्यार करते है, हम उम्मीदें भी उन्ही से करते हैं और टाइम मिलने पर उन्हें अपने साथ भर घुमाने भी ले जाये। 



ladki patane ke tips in hindi

किसी लड़की के सामने जिस ये आप प्यार करते हो या प्रपोज करना चाहते हो उसका किसी  और लड़की से तुलना यानि कम्पेयर भूल के भी न करें। 

उनसे बात करने से पहले उनकी तरफ का माहौल जरुर देखे और उनके मूड को देखते हुए ही उनसे अपनी बाते करें। 

हमेशा अपनी बाते सकारात्मक बातों के साथ ही शुरू करें। 

अपनी तारीफें खुद न करें

समय समय पर गिफ्ट या कुछ खास करते रहें उनके लिए

उनकी बचकानी हरकतों  से प्यार करें और उनकी बात को महत्व दें

अगर इतने से भी आप उनके दिल में जगह न बना पायें तो खुद ही उनसे दूर हो जाये, हो सकता है दुरी ही उन्हें आपके करीब ले आये

अपने रिश्तों में हमेशा मिठास, ईमानदारी, सच्चाई, समर्पण, अपनापन, सुनने और समझनें का नजरिया जरुर रखें। 


Take Care of these Love Tips in Hindi


ladki propose karne ke tips

कहते हैं कि कैसा भी रिश्ता हो उसमे मिठास की जरुरत उस को शुरू करने के लिए होती है। और ईमानदारी और सच्चाई उस रिश्ते को उम्र भर संजो के रखें के लिए होती है। अपनापन एक दुसरे के प्रति विश्वास  बनाने के लिए जरुरी होता है। सुनने और समझने की समझ एक दुसरे के दुःख सुख को कम कर के एक नए तरीके से लाइफ को आगे और enjoyful बनाना होता है। 

तो ध्यान रखिये ये खास बातें बहुत ही जल्द होंगे आप किसी खास अपने के बहुत पास ......

आशा करती हूँ कि आपको ये पोस्ट पसंद आया होगा, आप पाने विचार और सुझाव नीचे कमेंट बॉक्स अवश्य में दे